JNA/कौशल कुमार पत्रकार नगर, खगड़िया।आज दिनांक 6,12.2025 ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस के तत्वाधान में अधिवक्ताओं ने डॉक्टर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस मनाया इस अवसर पर सर्वप्रथम उपस्थित अधिवक्ताओं में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिवक्ता प्राणेश कुमार ने कहा कि आज बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का संविधान खतरे में है श्री कुमार ने कहा कि संविधान में जो स्वतंत्रता का अधिकार बाबा साहब ने दिया है उसको चीन का प्रयास सत्ता में बैठे हुए आरएसएस के लोग कर रहे हैं उन्होंने आगे कहा कि गैर संवैधानिक तरीके से आज अधिवक्ताओं पर हमले हो रहे हैं इसको देखने वाला कोई नहीं है श्री कुमार ने कहा कि एक छोटे मामले में चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस ने बेवजह मुझे मोटरसाइकिल को फिल्मी स्टाइल में एक्सीडेंट कर कर गिरफ्तार किया और जब गिरफ्तारी का कारण पूछा तो बताया भी नहीं जबकि संविधान में यह व्यवस्था है गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी की तुरंत जानकारी देनी है इतना ही नहीं जिस तरह से मोटरसाइकिल एक्सीडेंट कराया गया इससे एडवोकेट कर्लक कस्तूरी निषाद घायल हो गई मुझे भी काफी छोटे आई इसके लिए जो दोषी पुलिसकर्मी है आज उसे पर पुलिस अधीक्षक की छत्रछाया है जो दुर्भाग्यपूर्ण है श्री कुमार ने इस अवसर पर कहा कि देश राज और जिला संविधान से चलते चलेगा इसके लिए हम लोग संघर्षरत रहेंगे कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार ही लोगों को आचरण करना चाहिए खास करके जो शासन प्रशासन में बैठे हुए लोग हैं उन्हें आम नागरिकों की स्वतंत्रता के लिए संस्कृत संकल्पित होना चाहिए जिस तरह की घटना अधिवक्ता प्राणेश कुमार के साथ घटी है उसको कहीं से भी सारा नहीं जा सकता है वह निंदनीय है दोषी पुलिसकर्मी पर अभिलंब कार्रवाई हो इस अवसर पर अधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा कि घटना की अभिलंब उच्च स्तरीय जांच हो अधिवक्ता ललित कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जो घटनाएं घटी है उसके लिए हम लोग अगर दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे इस अवसर पर अधिवक्ता गुलाब ठाकुर अधिवक्ता क्लर्क कस्तूरी निषाद नेवी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिनांक 25 तारीख को घटित घटना का बुरा प्रस्तुत किया सभी लोगों ने चित्रगुप्त थाना पुलिस की कार्रवाई की करी निंदा की उपस्थित लोगों ने एक स्वर से मांग किया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच हो अधिवक्ता को हथकड़ी लगाना गैरकानूनी है इसके पूरे सबूत मौजूद हैं अगर पुलिस के आला अधिकारी ने इस प्रकर्रवाई नहीं की हम लोग उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाएंगे।
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