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Thursday, January 22, 2026

किसानों को निबंध के बहाने मिलने वाले प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से वंचित करने का सरकार के साजिश का भंडाफोड़ करें

जगदूत अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद आंदोलन के लिए तैयार रहे अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य उपाध्यक्ष तथा राष्ट्रीय नेता रामाधार सिंह ने वाजिव किसानों को भी उनके सही जमीन से बेदखल करने एवं प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना से छोटी राशि मिलने वाले अंश को भी अपात्र घोषित करते हुए नाम हटाने के साजिश का कड़ा विरोध किया है तथा किसानों को आंदोलन के लिए तैयार रहने काआहवान किया है। आज से कुछ दिन पूर्व संपूर्ण बिहार में चल रहे भूमि सर्वे के दौरान उनके सही भूमि जो या तो खरीद किए थे या पुश्तैनी थी अथवा सरकार द्वारा भूदान से प्राप्त जमीन थी उसे सर्वे पोर्टल पर नहीं चढ़ने जैसी कार्रवाई देखा गया है। सर्वे के दौरान बकास्त की जमीन जो किसानों ने खरीद की है या उन्हें जमींदारों द्वारा मलिक गैर मजरुआ जमीन हुकुम नामा के जरिए प्राप्त था ,भूदान यज्ञ द्वारा प्राप्त था या सरकार द्वारा परवाना से प्राप्त था ऐसे जमीन को पोर्टल पर नहीं चढ़ा कर उसे भूमि से भूमि मालिक को वंचित किया गया है।
बिहार में सरकार के द्वारा जनगणना के अनुसार 67 प्रतिशत से अधिक लोग गरीबी रेखा के श्रेणी मैं आते थे ऐसे लोगों को जिनके घरों में आज शादी ब्याह के समय गिफ्ट में भी दोपहिया वाहन मिला है वैसे राशन कार्ड धारी को भी राशन देने से वंचित कर दिया गया है अकेले अरवल जिला में 6727 लाभुक वंचित कर दिए गए तथा 16796 को नोटिस भेज दिया गया है।
किसानों पर तीसरा बड़ा हमला अभी जारी है प्रधानमंत्री सम्मान निधि जो साल भर में ₹6000 मिलता था इससे भी वंचित करने का साजिश जारी है। अब यह कहां जा रहा है कि वैसे किसानों का ही यह लाभ मिलेगा जिनके लगान रसीद पर खाता के साथ-साथ खेसरा भी रहेगा अभी तक जिन किसानों के पास पुश्तैनी जमीन है या पुराना रसीद काटा हुआ है या परिमार्जन 2 भी करा चुके हैं तथा उसके अनुसार रसीद ऑनलाइन कटवा चुके हैं उनके भी रसीद पर मात्र खाता चढ़ा हुआ है। किसी भी किसान के रसीद पर खाता चढ़ा हुआ है अगर जिला रिकॉर्ड रूम से खतियान की मांग करते हैं तो प्रत्येक खाता के अनुसार खतियान का न्यूनतम आम दिन भी ₹500 लिए जाते रहे हैं इस समय तो और भी धांधली है सरकार या तो हर एक खाता के अनुसार उनके प्लॉट को वेबसाइट पर डालें अथवा खुद से अतिरिक्त कर्मचारी बहाल कर प्रत्येक के लगान रसीद पर उसका खेसरा चढ़ाये । अभी तो हर गांव में वैसे ही अपवाद व्यक्ति के रसीद पर खाता के साथ प्लॉट चढ़ा है जो हाल में केवाला से जमीन खरीद कर हाल में दाखिल खारिज कराकर अपना लगान रसीद कटवाए हैं । तत्काल किसानों का निबंध बंद कर पहले कर्मचारियों के द्वारा प्लॉट के साथ लगान रसीद ऑनलाइन कटवाए ।अगर किसानों को सरकार द्वारा मिलने वाली इस छोटी सी भी राशि से वंचित करने का साजिश रहा तो किसान आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

Prabhu Jee
Prabhu Jeehttp://www.jagdoot.in
ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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