जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया नगर परिषद खगड़िया के वार्ड पार्षद शिवराज यादव,बबलू कुमार,रंजीत कुमार सिंह, जितेंद्र पासवान, शोभा देवी और कविता भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि जब हमलोग नगर परिषद खगड़िया के चौबीस (24) वार्ड पार्षद ने नगर कार्यपालक पदाधिकारी खगड़िया सिंधु कमल को आवेदन देकर नगर परिषद बोर्ड की साधारण बैठक आहुत लिए कहा तो नगर सभापति का एक अखबार ब्यान दिया कि वार्ड पार्षद अपनी निजी स्वार्थ के लिए हम पर आरोप लगा रहे हैं।नगर सभापति से हमलोग इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूछते हैं कि कौन वार्ड पार्षद का निजी स्वार्थ है और क्या है ,यह बतायें। हम सभी वार्ड पार्षद का बस इतना ही स्वार्थ है कि नगर परिषद खगड़िया की जनता हम सभी वार्ड पार्षद को नगर परिषद के विकास के लिए अपना मत देकर नगर परिषद खगड़िया में भेजें हैं उस पर सौ प्रतिशत काम करें।खगड़िया शहर को स्वच्छ और सुंदर कैसे बनायें, शहर में जो जलजमाव होती है उसका निदान कैसे करें, शहर के गरीब लोगों का पक्का घर कैसे दिलायें। गरीब परिवार के लोगों को दाह-संस्कार के लिए जो तीन हजार रुपया मिलता है वह राशि विगत तीन वर्षों से नहीं मिला है यह लाभ कैसे मिले। हमसभी वार्ड पार्षद खगड़िया शहर के विकास के लिए एकजुट हुए हैं क्योंकि नगर सभापति को खगड़िया के आमजन के समस्या से कोई सरोकार नहीं है।नगर विकास विभाग के एक्ट के तहत बोर्ड की साधारण बैठक कम से कम महीना एक बार होना है लेकिन बैठक कभी छह माह तो कभी तीन माह में कराया जाता है और प्रस्ताव पुस्तिका में जनहित की समस्या को अंकित नहीं कर बिना वार्ड पार्षद के सहमति से प्रस्ताव पुस्तिका में ऐसा प्रस्ताव अंकित कर दिया जाता है जो आम लोगों के समस्या से कोई लेना देना है।इसलिए दिनांक 03 दिसंबर को नगर परिषद खगड़िया के 24 वार्ड पार्षद ने नगर कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखते हुए कहा कि नगर परिषद खगड़िया के विकास कार्यों के संचालन लिए बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा -48 के तहत प्रत्येक माह में कम से कम एक बार साधारण बोर्ड की बैठक करना अनिवार्य है।परन्तु नगर सभापति और नगर उपसभापति के मनमानी के कारण नगर परिषद बोर्ड की साधारण बैठक प्रत्येक माह नहीं बुलाते हैं कभी तीन माह तो कभी 06 माह पर बोर्ड की साधारण बैठक किया जाता है।जिसके कारण नगर परिषद क्षेत्रों के विकास कार्यों का संचालन सही ढंग से नही हो पा रहा है। पूर्व में सम्पन्न हुए बोर्ड की साधारण बैठक एवं शशक्त स्थायी समिति की बैठक का कॉपी ससमय वार्ड पार्षदों को उपलब्ध नहीं कराया जाता है। इतना ही नहीं बोर्ड की साधारण बैठक में पार्षदों के द्वारा सर्वसम्मति लिए निर्णय के विपरीत नगर सभापति, नगर उपसभापति एवं कार्यालय कर्मी के मिलीभगत से पारित प्रस्ताव में छेड़-छाड़ नगर सभापति के मनोनुकुल प्रस्ताव पुस्तिका में प्रस्ताव अंकित कर दिया जाता है जो कि घोर निंदनीय नहीं बल्कि एक आपराधिक कृत्य है। उदाहरण के तौर पर बोर्ड की बैठक में जिस एजेंडा का चर्चा नही हुआ है वह एजेंडा को सम्मलित कर लिया है और ऐसे -ऐसे करोड़ों का सफाई उपस्कर खरीद कर लिया जिसमें मोटी कमीशन मिला।जैसे पूर्व में सैकड़ों हाथ ठेला ,डस्टबिन ,मैजिक खरीद लिया जबकि 34 वार्ड के साफ- सफाई का जिम्मा एनजीओ कर रहा है और मात्र 05 वार्ड नगर परिषद साफ-सफाई कर रहा है। बताइए कि क्यों करोड़ों का सफाई का उपस्कर खरीद लिया मकसद साफ है मोटी कमीशन के लिए खरीद लिया। अभी वर्तमान में चार नया ट्रैक्टर खरीद लिया है जबकि दो ट्रैक्टर और छह ट्रिपर पहले से कार्यरत्त है 05 वार्ड के लिए काफी है। इसी तरह से बोर्ड के बैठक के प्रस्ताव में छेड़-छाड़ कर जिस चीज में मोटी कमीशन मिलता है उस सामान का खरीद कर लिया और जनहित से जुड़ा कार्य को नहीं किया जाता है।
नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा -48 के तहत प्रत्येक माह में कम से कम एक बार साधारण बोर्ड की बैठक करना अनिवार्य
सम्बंधित खबरें
नई खबरें


