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Bhojpuri में पढ़ें- बटोही के नजर से-बिहार में प्रशांत किशोर के राह आसान नईखे

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हम त बटोही हईं ,हमरा जेने कुछो बुझाला ,लउकेला ,ओनही चल पड़ीला.
चलीं भइलीं राहे राही ,बन के अधिक दाही,
पटना रजधनिया में चहुँपे बटोहियाsss!!

अब देखीं बिहार में प्रशांत किशोर के लेके सियासत में एगो अलगे हउआ बनल जा रहल बा . अईसन लागत बा ,जइसे प्रशांत किशोर के कवनो सुरखाब के पांख लाग गईल होखे,मुरेठा बान्हि के ,कमर कस के मैंदान में उतर गईल बाड़न.ठीके बा ,पीके साहेब ,आईआईटियन हवन ,इहाँ के राजनीति के पंडितो भ गईलन बानी, इंकर चहुँप त पढ़ले -लिखले ,बड़ बड़ लोगन तक बा!

2014 से पहिले इनिका के केतना लोग जानत रहे!

8 बरिस में सियासत के गलियन से करोड़ो रोपेया कमइलन ,बाकी जनहित में त एको पाई त खर्चो नईखन कईले . देस के सभ राजनीतिक घराना में बहुते पहुंच बा. देस के कोना कोना में घूमिये लेलन . पूरूब में ममता बनर्जी ,दखिन में वाईके , यूपी में सपा-कांग्रेस, 2014 में मोदीजी के जरे, आs बिहार में नीतीशजी के जरे. बाकी ई कबहूँ ज़मीन से कहां जुड़ पईलन . काल्ह तक कांग्रेस साथे जुड़ल चाहत रहन ,दाल ना गलल त घोषणा कइलन की बिहार से सुरु करब राजनीति .अब इहाँ के नया पैतरा के नावं धइले बानी “जन सुराज “.

“जन सुराज” के बैनर तले बिहार के 3000 किलोमीटर के पैदल यात्रा करब. बात दरअसल ,ई बा भोजपुरिया जवान प्रशांत बाबू, का कहनाम बा कि हमरा जनता से सीधे बतियावे के बा ,बिचार लेवे आs देवे के बा. आs सीधे सीधे जनता से मिले ख़ातिर गांवे गांवे ,नगर -नगर माकहिं के नु पड़ी . बस 3000 किमी की पैदल यात्रा के प्लान क लेहनी प्रशांत बाबा.इहाँ के पिलान के हिसाब से सितंबर तक बिहार के कोने कोने घूम लेवे के बा ,पब्लिक के मिजाज समझ-जान लेवे के बा. मतलब ई बा कि बाबा ख़ातिर बिहार समुदर बा ,जवना में सितंबर तकले मंथन होई ,आs अक्टूबर में जाके अमरित निकली.

अब रहल बात कि बिहार में त अलगे तरह के राजनीति बा. ई ठीक बा कि इहाँ के बिहार में नीतीश के जरे काम क के अनुभव भी ले लेले बानी. नीतीश कुमार के सत्ता भी दिलवा देले बानी. तब राजद-कांग्रेस-जदयू साथे मिल के चुनाब लड़ल रहे ,बीजेपी एंटी रहे. भाजपा के जरे रामविलास पासवान आs जीतनराम मांझी रहन . आs जीत भी नीतीशे के भईल रहे .

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प्रशांत किशोर ,बक्सर के रहे ओला हवन ,जाति से पंडीजी हवन . आs एह घरि बिहार में पंडीजी लोगन के लूटपटार भईल बा. केहू कहत बा हमरा देने,त केहू कहत बा हमरा देने , आss केहू कहत बा कि पंडीजी हमनी के पार्टी के हवन, ईहां प त हमनि के जन्म सिद्ध अधिकार बा . मतलब , बिहार में पंडीजी लोगन के पुरान लुभुकिये बुझ लेले बा लोग, अलबत हाल बा ! आपनो बिरादर में एक से बढ़ के एक बाड़ें,जेने डुगरा द ,ओनहिं डूगुर जइहैं.

पटना में अबहिं हाले में बड़का रोड शो कईलस लोगन ,ऊहो परशुराम जी के नाम पss. भूमिहार – ब्राह्मण के नावं ले के.इहे लोगन के जरे अंधा -टोपी..! ई खेल जनि खेलीं सभे . समाज के नियम ,पूजा पाठ करावे वाला लोगन के साथे अईसन खेल ना खेले के . बाकि बिहार में गजबे खेला हो रहल बा,समझदार बानी रवा त भकुआईं जनि. . अबहिं एह खेला के तेजस्वी जादो , जादे बढ़िया से खेले के सुरुआत कईले बाड़ें. दु-चार गो भुनिहार -बाभन नेतन के ले के चल देले बाड़न बैतरणी पार करे.

एने रामबिलास पासवान के लाल चिराग पासवान त अलगे राग अलापे लगलन. ई त साफ साफ कह देलन कि जदि प्रशांत भाई हमरा साथे आ जास त सुशासन बाबू के सरकार के दिन के उल्टी गिनती सुरु हो जाई.

प्रशांत किशोर त सबके टच में बाड़ें, बाकि राष्ट्रीय जनता दल के फेरा में नईखन ,हो सकत बा ,उनकर बुझा गईल बा कि राजद के दुनों राजकुमार अलबेला बा लोगन. नन्हका त तनि बतिया, बुझबो करे ला, बाकि बड़का त मुरली लेके कबहूँ नागिन धुन छेड़ देवेला. पीके बाबू त रहलन दोसरा के आपन अंगूरी प नचावे ओला जीव ,त एहिजा, नागिन डांस के करि..!

प्रशांत बाबू त साफ साफ आपन बात रख देलन कि हम आपन पुरान काम छोड़ के ‘”जन सुराज” ख़ातिर काम करब. लगभग 35 करोड़ बिहारी जनता से मिले ख़ातिर बेचैन बाबा, के चाणक्य बनि के बहुत कुछ कईल चाहत बाड़न. इनकर कहनाम बा कि बिहार में पिछला 30 बरिस में 15 साल लालू जादव के रहल बा त 15 साल नीतीश कुमार के रहल बा . काम त कुछो भईलो बा . लालू जादव के समय गरीब गुर्गा के आवाज़ बुलंद भईल त नीतीश बाबू में तनि इंफ्रा स्ट्रक्चर प काम भईल. लेकिन एकरा के विकास ना कहल जाला कि बिहार के पूरा देसन में सबसे गरीब -फिसड्डी राज्य में गिनती हो रहल बा.अब ले राज्य के गरीब राज्य के दर्जा ना मिलल. शिक्षा के हाल ऊहे बा ,प्राथमिक शिक्षा के हाल जेतना बदतर बा ,ओतने बदतर हाल ,उच्च स्तरीय शिक्षा के बा. बेरोजगारी त अतना बढ़ल बा कि रोजगार के कवनो साधने नईखे लउकत बिहार के जवानन के.. ! रोड प, टेसन प, गंगा घाट के किनारे, खेल के मैंदान में जहां जगहा मिलत बा , बिहारी स्टूडेंट पढ़त नज़र आवत बाड़न,लेकिन फिर भी ई लोगन के हाथे भुक्का लागत बा.

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पीके के लेके सगरो ई बात के चर्चा बा कि ई पढ़ल-लिखल जीव बाड़ें ,जे देस के सभ नेता लोगन के बुद्धि देत रहल बाड़न ,जदि ई खुल के राजनीति में अइहन त हो सकत बा बिहार के हाल तनि बेहाल हो सकत बा . ना त आज़ादी के बाद कांग्रेस के बिहार देखले बा ,त जेपी आंदोलन के बाद दर्जन भर से ऊपरे नेता पइदा भइलन जवन बिहार के कम आपन बिकास जरूर कईलन. अब त देखे के बा कि प्रशांत बाबा के बिहार के जनता कतना भाव देत बा ,जाति कतना उठत बाड़ें . बिहार के अभिशाप जाति ही रहल बा,आs अइसे भी देस में जाति आ धरम के ही राजनीति हावी बड़ूये, अईसन में प्रशांत कुमार का कर पइहन ई त भविसे बताई.

अभी त बरसात भी सुरु होई ,आs बिहार के 75 फीसदी क्षेत्र बाढ़ के मारल ह ,देखे के बा कि पीके बिहार के हिंछाड में खत्म लोगन से मिल पावत बाड़न.

(संजय शाश्वत वरिष्ठ पत्रकार हैं, आलेख में लिखे विचार उनके निजी हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri, Prashant Kishor

© न्यूज 18

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