*सदर विधायक बबलू मंडल की पहल रंग लाई, जल्द तैयार होगी डीपीआर; रोजगार और विकास की खुलेगी नई राह*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चिप प्रभु जी खगड़िया। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और अनुपम छटा के लिए जिले भर में प्रसिद्ध कसरैया धार अब पर्यटन स्थल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बुधवार को वन विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने कसरैया धार क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस सर्वेक्षण के साथ ही कसरैया धार को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। निरीक्षण के दौरान सदर विधायक बबलू कुमार मंडल, जिलाधिकारी नवीन कुमार, एसडीओ धनंजय कुमार सहित पटना से आई वन विभाग की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने स्थल की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधनों, पहुंच मार्ग, पर्यावरणीय संभावनाओं और पर्यटन विकास की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने टीम को कसरैया धार के ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कसरैया धार खगड़िया जिले की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है, जो मानसी, गोगरी और चौथम प्रखंड के कई पंचायतों को स्पर्श करती है। यह क्षेत्र वर्षों से अपनी सुंदरता, जल संसाधन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता रहा है। विधायक ने कहा कि यदि कसरैया धार को सुनियोजित तरीके से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है, तो यह पूरे जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। छोटे व्यवसाय, होटल, नाव संचालन, हस्तशिल्प, खान-पान और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने कहा कि कसरैया धार का मुद्दा उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाया था। सदन में उन्होंने मांग की थी कि इस ऐतिहासिक झीलनुमा क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। विधायक ने बताया कि सरकार की ओर से उस समय जवाब दिया गया था कि जिलाधिकारी से मंतव्य प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने जिलाधिकारी नवीन कुमार की सक्रियता की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके सकारात्मक मंतव्य और प्रशासनिक पहल का ही परिणाम है कि आज वन विभाग की टीम यहां सर्वेक्षण के लिए पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार की इच्छाशक्ति से ही खगड़िया जैसे जिलों में विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, सर्वेक्षण के बाद वन विभाग जल्द ही कसरैया धार के विकास के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करेगा। डीपीआर में क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, जल संरक्षण, पार्क, पैदल पथ, नौकायन, हरित क्षेत्र, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं का खाका तैयार किया जाएगा। इसके बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपकर निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराया जाएगा। स्थानीय लोगों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से उपेक्षित इस प्राकृतिक धरोहर को अगर पर्यटन स्थल का दर्जा मिलता है, तो इससे क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी। साथ ही युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन की समस्या भी कम होगी। विधायक बबलू मंडल ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल सड़क और पुल बनवाना नहीं, बल्कि खगड़िया की पहचान और प्राकृतिक धरोहरों को नई पहचान दिलाना भी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कसरैया धार को पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में वे लगातार प्रयासरत रहेंगे। कसरैया धार के सर्वेक्षण के साथ अब जिलेवासियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि आने वाले दिनों में खगड़िया को एक नया पर्यटन केंद्र मिलेगा, जो विकास, रोजगार और पहचान का नया अध्याय लिखेगा।


