जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया 26 नवम्बर नशा मुक्ति दिवस पर विशेष खगड़िया। नशे के विरुद्ध, एक युद्ध है नशा मुक्त भारत का जागरुकता अभियान, नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेम कुमार यशवन्त की भुमिका बहुत ही महत्वपूर्ण रही है। स्वामी विवेकानंद के पंक्ति और गुरुवर रविन्द्रनाथ टैगोर की लिखी पुस्तक(साधना) की दुनियाँ भर के लोगों के लिए यह संदेश कि ‘कठिन परिश्रम परमार्थ के लिए’ और एकला चल कि सिद्धातों ने यशवन्त के जिवन को बहुत प्रभावित किया है, यशवन्त ने बचपन में बहुत से घरों को शराब और नशा से उजरते देखा , बेबस बालक यशवन्त ने कागज पर नशा मुक्ति स्लोगन लिखकर अपने स्कुल मे साटने का असफल प्रयास किया और इसी के साथ शुरू हो गया नशा मुक्ति जागरूकता अभियान।
छात्र जिवन से चला ये यशवन्त का जागरूकता अभियान पहले तो बहुत ही धीमी गति से चला, पर वर्षों बाद 2014 में यशवन्त ने नशा मुक्त भारत नामक संस्था बना जागरूकता अभियान को जागरूकता आंदोलन में बदल दिया। शायद यशवन्त के नशा मुक्ति आंदोलन से प्रभावित हो माननीय नितीश कुमार बिहार सरकार ने पुर्ण शराबबंदी लागू कर दिया। आज खगड़िया जिले के अलावे लखीसराय, मुगेंर, बेगुसराय, मुजफ्फरपुर, बेतिया, सहित अन्य प्रदेशों में लगभग दो सौ स्कूल से भी ज्यादा विभिन्न तरह के नशा मुक्त भारत के बैनर तले नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाया गया। नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत कभी स्कूलों में जाकर भाषण प्रतियोगिता तो कभी स्लोगन प्रतियोगिता, तो कभी चित्र कला प्रतियोगिता तो कभी नशा मुक्ति दौर प्रतियोगिता तो कभी नशा मुक्त होली प्रतियोगिता। इसके अलावा शव यात्रा में नशा मुक्ति संदेश तो कभी शादी के बारात में जाकर नशा मुक्त बारात लेकर जाने के लिए दुल्हा पक्ष को तैयार करना। यशवन्त का मानना है कि बारह साल के बच्चों से लेकर बाईस साल के युवा को नशा पान की लत लगने की सम्भावना अधिक रहतीं है यही कारण है कि स्कुलों में, खेल के मैदान में, यशवन्त जागरूकता अभियान चलाते हैं। 14 वर्ष के उम्र से यशवन्त विभिन्न मंचों से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाते हैं। कई बार खगड़िया मंडल कारा में कैदियों के बीच यशवन्त ने नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाया है। इस कार्य के लिए यशवन्त को मुखिया से लेकर मुख्यमंत्री तक अलग अलग कई मंचों से सौ बार से अधिक सम्मानित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। शराबबंदी में उत्कृष्ट जागरूकता अभियान चलाने पर वर्ष 2016 व 2017 में झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल व गाँधी सभागार में उन्हें सम्मानित किया। वही वर्ष 2016 में रेड क्रॉस दिवस पर तत्कालीन खगड़िया एसपी अनिल कुमार सिंह ने उन्हें विशिष्ट नागरिक स्मृति पुरस्कार दिया। इसके बाद 2018 में वैश्य महासभा द्वारा सम्मान पत्र दिया गया। जिला उत्पाद विभाग के द्वारा 26 नवम्बर 2020 नशा मुक्ति दिवस पर सम्मानित किया गया। वही वर्ष 2020 में तत्कालीन डीएम अनिरुद्ध कुमार के द्वारा गणतंत्र दिवस पर जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया गया। खगड़िया एसडीओ, मानसी सीओ ओर बीडीओ सहित विधायक व सांसद ने पुरस्कृत कर उनके काम की सराहना की है। 2023 में दानवीर भामाशाह कि जयंती पर खगड़िया टाउन हॉल में माननीय उद्योग मंत्री बिहार सरकार समीर महासेठ के द्वारा भी यशवन्त सम्मानित किए गए हैं। झारखंड के रांची में 1 अक्टूबर 2023 को जनहित प्रोडक्शन के द्वारा झारखंड के मंत्री की उपस्थिति में यशवन्त को जनहित सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया। युवाओं और खिलाड़ियों के बीच तो अभियान चलाते ही है अलग से यशवन्त ने नशा मुक्त भारत शतरंज अकादमी का निर्माण कर शतरंज खिलाड़ियों को विशेष रूप से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाते रहते हैं। दर्जनों जिले में व राज्य के बाहर शतरंज मंचों पर यशवन्त को सम्मानित किया गया है।
नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेम कुमार यशवन्त की भुमिका बहुत ही महत्वपूर्ण रही है
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