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Friday, April 24, 2026

स्वामी सहजानंद सरस्वती की 135 वी जयंती

जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद आज महाशिवरात्रि है आज स्वामी सहजानंद सरस्वती की 135 में जयंती के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी है।अखिल भारतीय किसान महासभा सह भाकपा माले जहानाबाद जिला इकाई तथा अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला येसोसियसन इकाई ने अपने अपने स्तर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किया।किसान महासभा तथा भाकपा माले संयुक्त रूप से स्वामी सहजानंद सरस्वती का जन्म दिवस मनाते हुए समरनांजली कार्यक्रम में शामिल थे ।भाकपा माले जिला सचिव तथा राज्य कमेटी सदस्य सह किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव रामाधार सिंह माले राज्य कमेटी सदस्य श्रीनिवास शर्मा किसान,किसान महा सभा जिला अध्यक्ष रामबली सिंह यादव, किसान महासभा के जिला सचिव सौखिन यादव , जहानाबाद के प्रखर बुद्धिजीवी राजकिशोर शर्मा ,किसान महासभा के जिला कमेटी सदस्य ब्रह्मदेव प्रसाद ,निरंजन कुमार, बृजनंदन शर्मा सहित दर्जनों किसान एवं छात्र नौजवान सामिल थे।

सर्वप्रथम अंबेडकर चौक से हाथों में माला लिए तथा उक्त नारा लगाते हुए स्वामी सहजानंद संग्रहालय में सभी लोग पहुंचे तथा सर्वप्रथम स्वामी जी के जन्म दिवस पर दीप प्रज्वलित किया गया तत्पश्चात माल्यार्पण तथा पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्मदेव प्रसाद ने की जबकि संचालन रामाधार सिंह ने किया
नेताओं ने कहा स्वामी जी पहले संत के रूप में आए बाद में जब किसानों गरीबों पर जुल्म ढाहने वाला जमींदार स्वामी जी के आग्रह को ठुकरा दिया तो लठ हमारा जिंदाबाद के नारे के साथ जमींदारों के खिलाफ तथा अंग्रेजों के खिलाफ दमित किसानों गरीबों को साथ लेकर जमींदारी उन्मूलन के खिलाफ उठ खड़े हुए ।1929 में संपूर्ण आज़ादी के लिए किसान मजदूर को साथ ले आजादी की लड़ाई में कूद पड़े।
देश आजाद जरूर हो गया परंतु गरीबों किसानों को संपूर्ण आज़ादी नहीं मिली ।स्वामी जी का सपना आजादी के बाद भी अधूरा रह गया, स्वामी जी के पद चिन्हों पर ही महात्मा गंध भी आए तो सबसे पहले चंपारण में नीलहे किसानों के बीच गए और आंदोलन शुरू किया जहां महात्मा को मोहनदास करमचंद गांधी के साथ महात्मा की उपाधि मिली । लाल बहादुर शास्त्री ने किसान मजदूर की एकता की जरूरत को महसूस किया और किसान मजदूर एकता जिंदाबाद का नारा दिया। देश से अंग्रेज चला गया। देश का शासक वर्ग जमींदारी उन्मूलन हो गया की बात बोलते हैं। आज बेतिया महाराज दरभंगा महाराज कुर्सेला, साहू राज ,परबता, का उसी रूप में राज नहीं है।आज वह सामने नहीं है, परंतु आज की स्थिति उससे कई गुना भयावह है 2018 से ही देश के लाखों किसान अपने देश की राजधानी में लड़ रहे हैं जो किसान देशवासियों के थाली में भोजन परोस रहे हैं उसके ही अपने देश की राजधानी में जाने के रास्ते में कील ठोकी जा रहे हैं ।इजरायल से आयात कर उन पर गोले बरसाए जा रहे हैं। जमींदारों के स्वरूप को और भी कठोर करते हुए हमारे सामने अडानी अंबानी खड़ा है।आज अंतर्राष्ट्रीय दिवस भाकपा माले कार्यालय परिसर में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला ए शोसियासन के बैनर से आयोजित की गई ।जिसका नेतृत्व जिला सचिव रेणु देवी ने की कामरेज रेणु देवी ने अपने वक्तव्य में कहा कि महिला दिवस क्यों तो सर्वप्रथम यूरोपीय देश डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में कामकाजी महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में मनाई गई जिसमें कालरा जेटकिन शिरकत की थी 1910 में ऑस्ट्रिया डेनमार्क जर्मनी और स्विट्जरलैंड में पहली बार मनाया गया इस दिन महिलाओं के सार्वभौमिक मताधिकार प्राप्त करने के लिए मांग उठी थी।प्रथम संयुक्त राष्ट्र विश्व महिला सम्मेलन मैक्सिको में 1975 में हुई इसी दिन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की तिथि 8 मार्च को निर्धारित की गई। आज संपूर्ण भारत में महिलाओं के अधिकार छीनी जा रही है। अत्याचार बेभीचार, बलात्कार की घटनाएं बढ़ती जा रही है, देश की जनता देख रही है ,देश ने देखा है दिल्ली के सड़कों पर निर्भया बलात्कार कांड को, बिलकिस बानो बलात्कार कांड व हत्या ,बीएचयू में छात्रों के साथ घटी घटना के साथ-साथ मणिपुर में कुकी महिलाओं को निर्वस्त्र कर घूमांने ,फुलवारी शरीफ में दो-दो 10 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार व हत्या के साथ-साथ देश को गौरवान्वित करने वाली महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण करने वाले भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह को भी देश ने देखा है। उक्त घटनाओं पर देश का शासक वर्ग कोई नोटिस नहीं लिया कहीं जाना तो दूर ,बिल्किस वानों के साथ बलात्कार व हत्या के आरोपी को संस्कारी पुरुष कहकर सजा के बाद भी छोड़ देने का फैसला केंद्र सरकार ने किया है। महिलाओं ने यह निर्णय कर लिया है कि केंद्र में बैठी इस भाजपा सरकार को जो महिला विरोधी छात्र विरोधी नौजवान विरोधी किसान विरोधी मजदूर विरोधी व न्याय पाने वाले हर जनता के खिलाफ खड़ी है इसको 2024 के लोकसभा चुनाव में सबक जरूर सिखाएगा।

उदय कुमार

Prabhu Jee
Prabhu Jeehttp://www.jagdoot.in
ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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