*बिहार उद्यमिता सम्मेलन 2026 का उद्घाटन करते उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा बिहार के युवाओं में अपार संभावनाएं*
JNA/Arvind Verma पटना। बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने एम्स के ऑडिटोरियम में ऐम्स पटना इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन काउंसिल द्वारा आयोजित “बिहार उद्यमिता सम्मेलन 2026” का उद्घाटन किया और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े युवा उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों एवं निवेशकों को संबोधित किया। अपने उद्घाटन भाषण में मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा यह सम्मेलन नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बिहार के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं और ऐसे मंच उन्हें अपने विचारों को साकार करने, निवेश के अवसरों से जुड़ने तथा एक सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। आगे उन्होंने कहा राज्य सरकार उद्यमिता को प्रोत्साहित कर रोजगार सृजन एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। आगे उन्होंने कहा नवाचार का अर्थ केवल एक नया विचार (Idea) होना नहीं है, बल्कि किसी समस्या के समाधान के लिए नए विचारों, प्रक्रियाओं, उत्पादों या सेवाओं को विकसित करना और उन्हें व्यावहारिक रूप से लागू करना, जिसका उद्देश्य है समाज, बाज़ार या किसी संस्था के लिए मूल्य (Value) पैदा करना। जबकि इनक्यूबेशन वह सहायता प्रक्रिया है जो एक नव-स्थापित कंपनी (Startup) को प्रारंभिक चरण में दी जाती है ताकि वह विकसित हो सके। यह एक ‘स्टार्टअप स्कूल’ या ‘नर्सरी’ की तरह काम करता है, जहाँ शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को सहारा मिलता है। उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा इनोवेशन एक “नया विचार” है, और इनक्यूबेशन उस विचार को सफल “व्यवसाय” बनाने का “सहारा” है। यह प्रक्रिया स्टार्टअप्स के विफल होने के जोखिम को काफी कम कर देती है। उक्त अवसर पर एम्स पटना के निदेशक प्रो. (डॉ.) राजू अग्रवाल जी, IGIMS के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार, एम्स के ईएनटी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. क्रांति भावना सहित कई सम्मानित गणमान्यजन उपस्थित रहे।


