*सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पटना हाईकोर्ट ने जारी किया निर्देश, न्यायिक कार्य में बाधा न आए*
मुजफ्फरपुर, 8 मई 2026 जगदूत ब्यूरो वकीलों के निधन पर अब बार-बार न्यायिक कार्य बाधित नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब महीने में सिर्फ एक बार ही शोकसभा आयोजित की जाएगी। पटना हाईकोर्ट ने सिविल कोर्ट प्रशासन को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। सिविल कोर्ट प्रशासन ने जिला बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर सूचित किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वकीलों के निधन पर महीने में एक से अधिक बार शोकसभा कर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से अलग नहीं रह पाएंगे। पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने बिहार के सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भी पत्र लिखा है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वकीलों के निधन पर कोर्ट का काम महीने में एक बार से ज्यादा नहीं रोका जाएगा। वह भी दोपहर 3 बजे के बाद अधिवक्ता न्यायिक कार्य से खुद को अलग रख सकते हैं। यह कदम लंबित मामलों की बढ़ती संख्या और पक्षकारों की सहूलियत को ध्यान में रखकर उठाया गया है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृष्ण ठाकुर उर्फ रामबाबू ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने माह में एक बार शोकसभा कर दोपहर 3 बजे से अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्य से अलग रखने का आदेश दिया है।


