*मृतक के परिजन को 20 लाख और घायल को 10 लाख मुआवजा दे सरकार, पप्पू यादव*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चिप प्रभु जी खगड़िया जिला के खड़गी तिरासी निवासी पांडव कुमार की पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारकर हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह घटना न केवल एक निर्दोष युवक की मौत का मामला है बल्कि यह देश में क्षेत्रीय पहचान के आधार पर भेदभाव और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पांडव कुमार दिल्ली में एक डिलीवरी एजेंट के रुप में कार्यरत थे और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मेहनत कर रहे थे। घटना के दौरान एक पुलिस हवलदार ने उनसे उनकी पहचान पूछी और “बिहार से” होने की बात सुनते ही गोली चला दी। आरोप यह भी है कि गोली चलाने से पहले अपमानजनक टिप्पणी की गई। इस घटना में पांडव कुमार की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद उनके मित्र कृष्ण गंभीर रुप से घायल हो गए, जिनका वर्तमान में उपचार जारी है। यह पूरा घटनाक्रम न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी के से मिली पूरी जानकारी मिलने पर पूर्णियां के सांसद पप्पू यादव ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि किसी नागरिक को केवल उसकी पहचान के आधार पर निशाना बनाया जाता है तो यह हमारे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार के लोग देश के हर हिस्से में जाकर मेहनत और ईमानदारी से कार्य करते हैं तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसके बावजूद यदि उन्हें अपमान और हिंसा का सामना करना पड़ता है तो यह सामाजिक और प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। इस घटना के संदर्भ में सांसद पप्पू यादव ने प्रमुख मांगें उठाते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई कर उसे सेवा से निलंबित कर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को उचित सजा मिल सके। सांसद पप्पू यादव ने मृतक पांडव कुमार के परिजनों को कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए ताकि उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके साथ हीं घायल कृष्ण के समुचित इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाई जाए और उन्हें दस लाख रुपया मुआवजा दिया जाए। पप्पू यादव ने बिहार सरकार को इस मामले में दिल्ली सरकार से तत्काल संवाद स्थापित कर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग किया कि देशभर में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों, विशेषकर बिहार के श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी नीतियां बनाई जाएं और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्राप्त हैं। किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी क्षेत्रीय पहचान के आधार पर भेदभाव करना संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। ऐसी घटनाएं न केवल सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि देश की एकता और अखंडता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या आज भी हमारे समाज में क्षेत्रीय भेदभाव की मानसिकता विद्यमान है। सांसद पप्पू यादव ने देशवासियों से अपील की है कि वे इस घटना के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग करें।


