जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2024 में 9 मार्च को आयोजित प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत के परिपेक्ष में मोतीश कुमार प्रधान न्यायाधीश परिवार ने अपने प्रकोष्ठ में लंबित चल रहे वैवाहिक बाद के मुकदमों को दंपति परिवार को समझा बुझा कर परिवार के साथ रहने के लिए प्रेरित किये घटना के संबंध में आवेदक प्रथम पक्ष सुरेश कुमार के द्वारा अपनी पत्नी अर्चना कुमारी ग्राम सेवनन पोस्ट, थाना कडौना थाना जिला जहानाबाद के विरुद्ध विदाई का मामला 14 अगस्त 20२३ को परिवार न्यायालय में दाखिल किया गया था, दोनों पक्षों की हिंदू रीति रिवाज के अनुसार दिनांक 7 मई 2014 को गौरक्षणी मंदिर में शादी हुई थी। इस बीच दो पुत्री और एक पुत्र भी दोनों के दांपत्य जीवन में उत्पन्न हुआ और अचानक 15 सितंबर 2021 को विपक्षी अपने ससुराल नैहर गायत्री नगर जहानाबाद चली गई तब से विपक्षी नैहर में ही रह रही थी। आवेदक स्तर से कई प्रयास अपनी पत्नी को लाने के लिए किया गया जिसमें वह सफल नहीं हुए अंततः उनके द्वारा विदाई का मामला न्यायालय में लाया गया। न्यायालय के कई प्रयास से विपक्षी को सोहार्दपूर्ण जीवन यापन करने के लिए न्यायालय स्तर से भी नोटिस जारी किया गया। परंतु मामला लंबित ही रहा इस बीच 9 मार्च 2024 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में इस मामला को भेजा गया निर्गत नोटिस के आलोक में पारा विधिक स्वयंसेवक शशि भूषण कुमार सिन्हा ने दोनों पक्षकारों को उनके आवास पर जाकर समझा बूझाकर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय के समक्ष प्री सीटिंग के माध्यम से मामला को निष्पादन करने के लिए उपस्थित किया मोतीश कुमार प्रधान न्यायाधीश ने इस मामले को काफी गंभीरता संजीदगी के साथ दोनों पक्षों को अलग-अलग रूप से उनका पक्ष जाना और फिर संयुक्त रूप से दोनों को बैठाकर सोहार्दपूर्ण वातावरण में पारिवारिक जीवन यापन करने के लिए सलाह देते हुए कहा कि आप दोनों के आचरण से आपके बच्चों पर बहुत ही खराब प्रभाव पड़ेगा और बच्चे ही भविष्य है इन्हीं भविष्य के सहारे आप लोगों का भविष्य में जीवन यापन होगा इन बच्चों का भविष्य को आपको ध्यान में रखना चाहिए छोटे-छोटे बातों को न्यायालय तक नहीं आना चाहिए दोनों पक्ष प्रधान न्यायाधीश के विचारों से काफी प्रभावित होकर मुकदमो को निपटारा करने में अपनी सहमति देते हुए स्वेच्छा से संधि पत्र पर हस्ताक्षर किए प्रधान न्यायाधीश ने दोनों को विदा करते हुए कहा कि आज से नई पारी का शुभारंभ करें किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई होती है हम आपको सहयोग के लिए उपस्थित है। प्रधान न्यायाधीश कहा की प्राधिकार के माध्यम से इस मामला को निपटारा करने में काफी सहयोग प्राप्त हुआ है और पारा विधिक स्वयंसेवक शशि भूषण कुमार सिन्हा का भी सकारात्मक पहल काफी सराहनीय है।