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Saturday, May 9, 2026

वृक्षारोपण से बदल रही समाज की सोच : युवा शक्ति का अभियान बना जनआंदोलन

*नागेंद्र सिंह त्यागी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण की अलख, कन्हौली गांव बना प्रेरणा का केंद्र*

 जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चिप प्रभु जी खगड़िया आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, तब समाज के बीच कुछ ऐसे लोग भी हैं जो केवल भाषण नहीं बल्कि धरातल पर काम करके आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ वातावरण का मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। ऐसे ही सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वर्षों से सतत कार्य कर रही सामाजिक संस्था युवा शक्ति ने वृक्षारोपण को एक सामाजिक आंदोलन का स्वरुप देने का कार्य किया है। संस्था के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी के नेतृत्व में चलाया जा रहा वृक्षारोपण अभियान आज खगड़िया सहित आसपास के जिलों में प्रेरणा का विषय बन चुका है। नागेंद्र सिंह त्यागी हमेशा यह मानते रहे हैं कि पेड़ केवल प्रकृति की शोभा नहीं बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। यही कारण है कि उन्होंने हर अवसर को वृक्षारोपण से जोड़ने का अनूठा अभियान शुरु किया। जन्मदिन, शादी की सालगिरह, पुण्यतिथि, सामाजिक आयोजन अथवा किसी विशेष अवसर पर लोगों को पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना उनकी सोच और कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वर्षों की मेहनत और समाज को जागरूक करने की मुहिम का परिणाम आज गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। इसी अभियान का जीवंत उदाहरण गोगरी प्रखंड के कन्हौली गांव में देखने को मिल रहा है, जहां युवा शक्ति के सक्रिय नेता निलेश कुमार यादव ने वृक्षारोपण को अपने जीवन का संस्कार बना लिया। उन्होंने केवल पौधे लगाने की बात नहीं की बल्कि अपने परिवार के हर सुख-दुख और महत्वपूर्ण अवसर को पेड़ों से जोड़ दिया। बच्चों के जन्मदिन पर फलदार पौधे लगाना, शादी की सालगिरह पर वृक्षारोपण करना और दिवंगत परिजनों की पुण्यतिथि पर पेड़ लगाकर उन्हें श्रद्धांजलि देना यह परंपरा आज समाज के लिए मिसाल बन चुकी है। धीरे-धीरे वर्षों पहले लगाए गए आम, लीची, अमरुद, नींबू, जामुन, टाभ सहित अन्य फलदार पौधे अब विशाल वृक्ष का रुप ले चुके हैं। आज ये पेड़ न केवल फल दे रहे हैं बल्कि पूरे क्षेत्र को हरियाली, शुद्ध वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। लगभग एक दर्जन से अधिक फलदार पेड़ों का यह समूह अब एक छोटे बगान का रूप ले चुका है, जिसे देखने के लिए लोग पहुंचते हैं और प्रेरित होकर स्वयं भी पौधे लगाने का संकल्प लेते हैं। यह केवल पेड़ लगाने की कहानी नहीं है बल्कि यह सामाजिक चेतना, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के प्रति कर्तव्य का जीवंत उदाहरण है। वर्तमान समय में लोग बड़े-बड़े आयोजनों पर लाखों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन प्रकृति के लिए कुछ करने की भावना धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। ऐसे दौर में निलेश कुमार यादव जैसे लोग यह संदेश दे रहे हैं कि यदि हर परिवार अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसर पर एक पौधा भी लगाए और उसकी देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में पूरा समाज हरियाली से भर सकता है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए बल्कि यह जीवन की संस्कृति बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ हमें बिना किसी भेदभाव के फल, छाया, ऑक्सीजन और जीवन प्रदान करते हैं। यदि मानव जीवन को सुरक्षित रखना है तो प्रकृति को बचाना हीं होगा। उन्होंने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया से थोड़ा समय निकालकर धरती मां की सेवा के लिए आगे आएं और हर अवसर पर पौधा लगाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि आज गांवों में जिस तरह गर्मी बढ़ रही है, जलस्तर नीचे जा रहा है और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है, उसका मुख्य कारण लगातार पेड़ों की कटाई है। यदि समय रहते लोग जागरुक नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। इसलिए जरुरी है कि वृक्षारोपण को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझकर सामाजिक दायित्व के रुप में अपनाया जाए। कन्हौली गांव में निलेश कुमार यादव द्वारा विकसित किया गया यह छोटा बगान अब सामाजिक शिक्षा का केंद्र बनता जा रहा है। गांव के बच्चे जब इन पेड़ों को देखते हैं और यह सुनते हैं कि इन्हें परिवार के विशेष अवसरों पर लगाया गया था, तब उनके अंदर भी प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। यही वह बदलाव है जिसकी आज समाज को आवश्यकता है। युवा शक्ति के कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि हर पंचायत, हर गांव और हर परिवार इस सोच को अपनाए तो बिहार सहित पूरा देश पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई क्रांति ला सकता है। संस्था द्वारा लगातार लोगों को जागरुक करने, पौधे वितरित करने और वृक्षारोपण को सामाजिक उत्सव बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कई स्थानों पर संस्था के कार्यकर्ताओं ने सड़क किनारे, विद्यालय परिसर, मंदिर प्रांगण और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का कार्य किया है। समाज के प्रबुद्ध लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज जरुरत केवल भाषणों की नहीं बल्कि ऐसे कार्यों की है जो आने वाली पीढ़ियों को सकारात्मक दिशा दें। पेड़ लगाने वाले लोग वास्तव में समाज और मानवता के सच्चे सेवक हैं। एक वृक्ष केवल पौधा नहीं होता बल्कि वह भविष्य की सांस, छाया और जीवन का आधार होता है। युवा शक्ति का यह अभियान यह साबित कर रहा है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन का कारण बन सकते हैं। नागेंद्र सिंह त्यागी और निलेश कुमार यादव जैसे लोग समाज को यह सिखा रहे हैं कि सच्चा उत्सव वही है जो प्रकृति और मानवता के हित में हो। जन्मदिन पर केक काटने से ज्यादा महत्वपूर्ण है एक पौधा लगाना, क्योंकि केक कुछ मिनटों की खुशी देता है जबकि पेड़ पीढ़ियों तक जीवन देता है।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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