जगदूत न्यूज जहानाबाद से अनिल गुप्ता कि रिपोर्ट
*बिना मुआवजा के सरकारी ऑफिसर CO आनंद मार्ग के बिल्डिंग को जबरदस्ती तोड़ने लगे जिसके कारण दीदी को आत्मदाह करना पड़ा।*
*यह मास्टर यूनिट का जमीन आचार्य सर्वतमानंद अवधूत के नाम से एवं कोलकाता एडमिनिस्ट्रेशन के अंतर्गत था । और वहां पर स्कूल और मास्टर यूनिट सुचारू रूप से चल रहा था। उसे जमीन से भारतमाला रोड निकलने वाला था जिसको लेकर मुआवजा मिलना था। इसीबीच रांची एडमिनिस्ट्रेशन ने इस विवाद को बढ़ा दिया और रमेद्रानंद अवधूत को जैसे ही मुआवजा का पता चला उसने दावा ठोकने के लिए प्रशासन को पैसे खिलाने लगा और इस मुआवजा को रुकवाने के लिए उसने उसे जमीन पर केस कर दिया। यह दूसरी मालुर हत्याकांड है। आज दीदी की हत्या का कारण और कोई नहीं आचार्य रमेद्रानंद अवधूत है।*


