जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल एवं ग्रामीण बंद के अवसर पर जहानाबाद में किसान एवं मजदूर संगठनों के संयुक्त बैनर तले शहर में मार्च निकाला गया। यह मार्च जहानाबाद रेलवे स्टेशन परिसर से निकलकर पटना- गया मुख्य मार्ग होते हुए अरवल मोड़ पर सभा में तब्दील हो गई । इस अवसर पर किसान मजदूर संगठन के नेताओं ने केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए मजदूर विरोधी, किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारे लग रहे थे। मजदूर विरोधी चार लेबर कोड को रद्द करो, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी मान्यता दो, संशोधित हिट एंड रन कानून को रद्द करो, जनविरोधी संशोधित बिजली अधिनियम बिल 2022 को वापस लो, सभी स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा की गारंटी करो, संविधान के साथ खिलवाड़ करना बंद करो, पूंजीपति पक्षीय जन विरोधी नीतियों को वापस लो, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को झूठे मुकदमे में फंसाना बंद करो, किसान आंदोलन पर दमनात्मक कारवाई बंद कर मांगों को अविलंब पुरा करो, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करो, किसानों को प्रतिमाह ₹5000 पेंशन दो, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण कर उन्हें सरकारी सुविधा मुहैया कराओ,जैसे नारे लगा रहे थे। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह से किसान मजदूर विरोधी नीतियां ला रही है जो इस देश के किसान मजदूर के जीवन में भारी तबाही पैदा कर रही है तो दूसरी तरफ अपने दोस्त पूंजीपतियों को मालामाल कर रही है। आज किसान के अनाज का वाजिब मूल्य नहीं मिलने एवं मंहगे होते खाद, डीजल, कीटनाशक, बीज के कारण भारी संख्या में किसान कर्ज में डूब रहे हैं और परेशान होकर आत्महत्या करने जैसी घटनाएं भी घटित हो रही है। दूसरी तरफ श्रमिकों के संघर्षों से हासिल किए गए लोकतांत्रिक अधिकारों को समाप्त कर देश के कॉर्पोरेट के हित में चार लेबर कोड लाकर के रूप में तब्दील किया गया जो पूरी तरह से मजदूरों के भविष्य को घोर संकट में डाल रहा है। उनको मिलने वाली जो भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में सुविधा उपलब्ध थी उसको समाप्त किया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्रों को औने-पौने दाम में बेचकर अपने करीबी उद्योगपतियों को हस्तांतरित कर मालामाल कर रहे हैं। दिल्ली के विभिन्न बोर्डेरा पर किसानों के चल रहे जुझार आंदोलन पर केंद्र सरकार के दमनात्मक कारवाई की घोर निंदा करते हुए किसानों से सम्मानजनक वार्ता कर उनकी मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की है । और इस आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित किया । इस सभा को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से ट्रेड यूनियन की ओर से सीटू के जिला सचिव एवं संयुक्त ट्रेड यूनियन के संयोजक सुरेंद्र मिस्त्री,एक्टू के जिला सचिव शिव शंकर प्रसाद ,एटक के नेता अंबिका प्रसाद सिंह, एआईयूटीयूसी के नेता इंदु कुमारी, इंटक के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, यूटीयूसी के आनंद कुमार , टेंपो चालक यूनियन के जिला सचिव वीरेंद्र दास, संयुक्त किसान मोर्चा के घटक किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सह घोसी विधायक रामबली सिंह यादव,जिला सचिव शौकीन यादव , रामाधार सिंह, किसान सभा के जिला सचिव ओम प्रकाश सिंह, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राज्य कमेटी सदस्य उमाशंकर वर्मा, किसान सभा (अजय भवन) के ओर से सुरेश प्रसाद छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से राजू कुमार,, खेतिहर मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष राम प्रसाद पासवान,आंगनवाड़ी के नेता बीना देवी, बिहार स्वच्छता कर्मचारी यूनियन के नेता अरविंद पासवान, खेतिहर ग्रामीण मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र रविदास ,प्रमिला देवी, किसान महासभा के नेता ब्रह्मदेव प्रसाद, किसान मजदूर के वरिष्ठ नेता श्रीनिवास शर्मा मुख्य रूप से संबोधित कहा। एवं आम जनता से अपील किया कि किसान मजदूर आंदोलन को और जोरदार करते हुए आगामी लोकसभा चुनाव में केंद्र की फासीवादी और तानाशाही, पूंजी पत्तियों के हाथों बिकी हुई बीजेपी सरकार को उखाड फेंकना है । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उमाशंकर वर्मा ने की । इस कार्यक्रम में विभिन्न जन संगठनों की ओर से विनोद कुमार शर्मा, सत्येंद्र रविदास, हसनैन अंसारी, कामरेड वसी अहमद, अमलेश कुमार, रंजन यादव अनय यादव, मंटू देवी, खेतिहर ग्रामीण मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र रविदास , बिहार राज्य निर्माण कामगार यूनियन जिलाध्यक्ष भुवनेश्वर यादव समेत भारी संख्या में किसान मजदूर इस आंदोलन में शामिल हुए।


