जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण दिवस पैन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय भवन में विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पॉस्को रश्मि के अध्यक्षता में हुआ। मंच का संचालन राजीव कुमार उप मुख्य कानूनी सहायता बचाव पदाधिकारी के द्वारा किया गया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राधिकार सचिव ने कहा की महिलाओं को सशक्तिकरण करने की जरूरत क्यों पड़ी 50% आबादी रहने के बाद भी उनकी भागीदारी पर्याप्त नहीं थी। पहले बिहार में महिलाओं की 16%के आसपास कुछ सीमित क्षेत्र में काम करती थी । आज स्थिति बदली है और उन्हें 35 से 50% का विभिन्न स्थानों में आरक्षण देकर उन्होंने बढ़ाने का कार्य किया गया है। समय के साथ बदलाव होता रहा है यही प्रकृति का नियम है। कंचन झा जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने कहा की शक्ति के साथ जिम्मेवारी लेने का भी क्षमता महिलाओं को होनी चाहिए। शिक्षित और जागरूक रहने पर आप हर अधिकार प्राप्त कर सकते हैं,भिन्नता प्रकृति का देन है ,और असमानता को समानता में परिवर्तित करना ही सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य होगा। व्यवहार न्यायालय के प्रबंधक महिला अधिकारी पूजा ने कहा की अधिकारों को हम लोग नहीं पहचान रहे हैं, आप हमें देखकर पहचाने कि सशक्तिकरण का प्रभाव के कारण ही आज हम आपके सामने खड़े हैं। यह क्षमता आपको खुद विकसित करनी होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी संबोधित करते हुए कहा कि आज इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी हम अलग-अलग न रह कर साथ में मिल जुल कर कम करें कंधा से कंधा मिलाकर चलें। सशक्तिकरण की आवश्यकता ही नहीं होगी और महिलाओं पुरुष में विभेद नहीं होगा। महिला हेल्पलाइन के ज्योत्सना ने कहा कि हमेशा चलना सीखना चाहिए कुछ क्षेत्रों में आज भी पौराणिक मान्यताएं रह गई हैं की पुत्री को मुखाग्नि नहीं देना आदि बातें होती हैं। इन सब बातों को धीरे-धीरे महिलाओं को सशक्तिकरण की दिशा में सशक्त बनाने की दिशा में बहस हो रही है। सरकार की ओर से सार्थक पहल की जा रही है। इसके लिए हमें शिक्षित होना आवश्यक है। पैनल अधिवक्ता देवरानी कुमारी ने कानूनी बिंदुओं पर जानकारी देते हुए कहा कि कहीं ना कहीं शिक्षा का अभाव में हम लोग अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। इसलिए शिक्षित होना बहुत ही आवश्यक है। हमारे संविधान में समय-समय के सरकारों ने विशेष अधिकार महिलाओं को प्रदत्त की है। हम केवल मौलिक अधिकार की बात करते हैं । कर्तव्य के प्रति विमुख हो जाते हैं, संविधान के अनुच्छेद 14 में बराबरी का दर्जा आदि दिया गया है। इन्हीं सब के कारण यौन उत्पीड़न का भी कानून लाया गया इसके अलावा अन्य कानूनी बिंदु पर गहराई से जानकारी उपस्थित महिलाओं को दी वही पैनल अधिवक्ता किरण कुमारी ने भी महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है, इसके लिए शक्ति दृढ़ इच्छा शक्ति रखना होगा। तभी आप आगे बढ़ सकते हैं। अपर लोक अभियोजक साधना कुमारी ने भी बहुत ही तार्किक रूप से अपनी बातों को रखते हुए कहा कि हम सिर्फ पुरुषों पर दोष रोपण करके अपनी कर्तव्य से बच नहीं सकते हम मौलिक अधिकार की बात, शक्ति की बात ,आरक्षण की बात करते हैं परंतु कर्तव्य की बात होती है तो हम अपनी राह अलग कर लेते हैं। हम अपने बच्चों पर समय रहते ध्यान केंद्रित करें उन्हें अच्छे मार्गों पर ले जाएं अच्छे पहनावे पर ध्यान दें तो आज जो बहुत कुछ छोटे-छोटे अपराध होते हैं उससे बचा जा सकता है। आज महिलाओं के गलत आचरण से हम सभी महिलाओं को शर्मिंदा का सामना करना पड़ता है, झूठे मुकदमों को दर्ज कराकर व्यक्तिगत लाभ में अनावश्यक किसी को फंसा कर महिला सशक्तिकरण का हम बाधक बनते हैं इन्हीं सब कारणों से सही लोगों को न्याय नहीं मिल पाता है। कार्यक्रम को अन्य वक्ता सीता कुमारी, प्रतिमा कुमारी, पारा विधिक स्वयंसेवक, रूबि यादव, अन्य महिला अधिवक्ता, अनिता कुमारी वैभव न्यायालय कर्मचारी आदि महिलाओं ने अपनी बातों को रखा।
प्राधिकार सचिव रणजीत कुमार ने बतलाया कि पैन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 4 मार्च 2024 से दिनांक 8 मार्च 2024 तक जहानाबाद के विभिन्न पंचायत एवं नगर निकाय एवं अरवल जिले के विभिन्न पंचायत में डोर टू-डोर कार्यक्रम चलाया गया इसका उद्देश्य सभी को कानूनी जानकारी दिलाना है। इस कार्यक्रम में अजीत कुमार मुख्य मुख्य विधिक सहायता कानूनी सहायता पदाधिकारी, बैजनाथ सहायक पदाधिकारी एवं महिला पैनल अधिवक्ता, महिला पारा विधिक स्वयंसेवक ,व्यवहार न्यायालय के महिला कर्मचारी, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, महिला आरक्षी, आदि लोग उपस्थित थे।


