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Wednesday, April 22, 2026

त्योहार में होली सबसे रंगीन और प्रसिद्ध त्योहार में से एक है। बचपन प्ले स्कूल

* बचपन में रंगों के त्योहार होली का आयोजन*
 जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है भारतीय त्योहार में होली सबसे रंगीन और प्रसिद्ध त्योहार में से एक है। बचपन प्ले स्कूल खगड़िया में होली का आयोजन किया गया बच्चों के रंग पुते चेहरे ऐसे लग रहे थे जैसे रंग-बिरंगे फूल खिले हो।उन्हें होलीका दहन की कहानी सुनाई गई और प्रहलाद की उन कठिन परीक्षाओं के बारे में भी बताया गया।जिससे वह गुजरा और ईश्वर्या अनुकंपा के कारण अंतत विजई हुआ। यह त्योहार धार्मिक सद्भाव और सामाजिक भाईचारे का प्रतीक है। बच्चे उत्साह और जोश से भरे हुए नजर आ रहे थे।एक दूसरे को रंग लगाया और आपस में गले मिलकर सामाजिक सद्भाव का परिचय दिया। स्कूल की मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पा कुमारी ने बच्चों को पांच बातें बताई किकहा कि इसे याद रखना चाहिए। 1 होली समाज में भेदभाव को खत्म करता है। होली पर परिवार का महत्व बढ़ जाता है और यह समझ में आ जाता है कि परिवार बहुत जरूरी चीज है 3 होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है 4 होली एकता का प्रतीक है 5 होली का पर्व हमें बताता है कि घमंड हमेशा हार जाता है। उन्होंने कहा कि होली से यह सीखाता हैं कि किसी के साथ भी भेदभाव की भावना नहीं रखनी चाहिए। होली का त्योहार आकर्षक और मनोहर रंगों का त्यौहार है इस दिन लोग अपने पुराने गिले शिकवे भूलकर गले मिलते हैं और एक दूसरे को गुलाल लगाते हैं एक दूसरे को होली के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हैं होली सभी के लिए समान खुशी और उत्साह का त्यौहार है फिर चाहे हुए अमीर हूं गरीब हूं बड़े हो छोटे हो पुरुष हो या महिला सभी लोग एक दूसरे के साथ रंग खेलते हैं और खुशियां मनाते हैं। आज के समय में जहां सहनशीलता और सामाजिक मेल मिलाप का अभाव दिखता है इसी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बचपन प्ले क्रिया द्वारा आयोजित इस्तेमाल में प्रेम और भाईचारे का एक महान विचार को सामने में रखा। स्कूल के डायरेक्टर प्रद्युमन को करने कहा कि वास्तविकता तो यह है की होली की तैयारी स्कूल में पिछले दिनों से ही प्रारंभ थी इस त्यौहार को मनाने के लिए रसायन मुक्त हर्बल गुलाल का उपयोग किया गया इस तरह बच्चों को केमिकल रंगों से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया गया बच्चों ने हर्बल गुलाल के महत्व को समझा नुकसानदायक रंगों से चिंतित अभिभावकों के लिए यह बचपन का आयोजन काफी सुकून लेकर आया क्योंकि पिछले वर्ष रंगों से होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर के यह सभी काफी चिंतित थे उन्होंने दिल से बचपन का शुक्रिया अदा किया जिससे इस त्यौहार को चिंता मुक्त कर सबके लिए आनंद का द्वार खोल दिए थे।कुल मिलाकर आयोजन शानदार और जानदार रहा बच्चों ने खूब मौज मस्ती की। आयोजन को सफल बनाने में सुंदरम कुमार और स्कूल के टीचर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
प्रद्युम्न कुमार
( डायरेक्टर)
बचपन प्ले स्कूल
खगड़िया
24/03/24

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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