*घटनास्थल की न्यायिक जांच व दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई– भाकपा माले*
जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद
*मृतक के आश्रितों को 10–10 लाख रुपया मुआवजा, 1 सरकारी नौकरी व घायलों को 1 लाख दे सरकार– महानंद सिंह*
*एनडीए सरकार की नाकामी से राज्य में जा रही है श्रद्धालुओं की जान– रामबली सिंह*
जहानाबाद– 12 अगस्त 2024
जहानाबाद के बराबर पहाड़ स्थित सिद्धेश्वर मंदिर भगदड़ मामले पर भाकपा माले के उच्चस्तरीय जांच दल ने आज घटनास्थल, अस्पताल और पीड़ित परिजनों से मुलाकात किया।भाकपा माले इस दुखद घटना पर गहरा शोक व पीड़ित परिवार के साथ अपनी एकजुटता जाहिर करती है। साथ ही प्रशासन की आपराधिक लापरवाही की कड़ी निन्दा करता है।जांच दल में भाकपा माले जहानाबाद जिला सचिव डॉ. रामाधार सिंह, घोसी विधायक रामबली सिंह यादव, अरवल विधायक महानंद सिंह, गया जिला सचिव निरंजन कुमार व राज्य कमेटी सदस्य तारिक अनवर शामिल थे।भाकपा माले जांच दल ने शाम में जिला अतिथि गृह में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी रिपोर्ट रखी। प्रेस कांफ्रेंस को घोसी विधायक रामबली सिंह यादव, अरवल विधायक महानंद सिंह, जिला सचिव डॉ रामाधार सिंह व गया जिला सचिव निरंजन कुमार ने संबोधित किया।जांच दल ने कहा की घटना की जानकारी मिलते ही पार्टी विधायक, नेता और कार्यकर्ता सहयोगी भूमिका में सक्रिय रहे।अरवल विधायक महानंद सिंह* ने कहा की सिद्धेश्वर मंदिर में सावन महीने में श्रद्धालुओं की काफी आवाजाही रहती है। सोमवार के दिन भीड़ और बढ़ जाती है। हाल के वर्षों में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ी है।मगर वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं व भीड़ नियंत्रण पर ध्यान नहीं दिया गया।जांच दल गौघाट (हथिया बोड) से होते हुए सिद्धेश्वर मंदिर परिसर पहुंचकर लोगों से बात की। लोगों ने बताया की सोमवार होने के कारण रविवार शाम से ही भीड़ बढ़ रही थी। रात तक काफी भीड़ हो गई। मंदिर परिसर के पास भीड़ में व्यवधान उत्पन्न हुआ मगर पुलिस प्रशासन के नहीं रहने के कारण विवाद बढ़ गया जिसके कारण भगदड़ हो गई। लोगों ने कहा की अगर पुलिस प्रशासन सक्रिय रहता तो यह घटना नहीं होती।मंदिर परिसर के चारों ओर रेलिंग मजबूत नहीं है साथ ही जगह भी कम है। जिसके कारण अधिक भीड़ में अफरातफरी हुई है।वहीं घोसी विधायक रामबली सिंह यादव* ने कहा जिला प्रशासन का पूरा जोर मृतकों का पोस्टमार्टम कराने में ही रहा। घायलों को समुचित इलाज और समय पर इलाज भी नहीं मिल पाया। यहां तक की सदर अस्पताल में सीटी स्कैन भी काम नहीं कर रहा था। इस घटना ने राज्य सरकार के स्वास्थ विभाग की पोल खोल दी है।वहीं गया जिला सचिव निरंजन कुमार ने कहा कि नीचे से मंदिर के पूरे रास्ते में कहीं विश्राम स्थल, पेयजल, मेडिकल कैंप व बुनियादी सुविधा कहीं नहीं है।मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते से श्रद्धालु आते हैं। जिसके कारण भीड़ बढ़ जाती है। मगर भीड़ नियंत्रण का कोई काम जिला प्रशासन द्वारा नहीं किया जाता है।अब तक इस भगदड़ में 7 लोगों की मौत व 28 के घायल होने की जानकारी सामने आई है।राज्य सरकार से जहानाबाद जिला सचिव डॉ. रामधार सिंह ने भाकपा माले की ओर से निम्न मांग रखी है
• घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच।
• घटना के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई
• मृतक के आश्रितों को 10–10 लाख रुपया मुआवजा व 1 सरकारी नौकरी और घायलों को एक लाख रुपया मुआवजा दिया जाए।
• सिद्धेश्वर मंदिर में बुनियादी सुविधाएं का विकास।
• मंदिर तक आनेजाने के लिए सुरक्षित व सुगम रास्ते का निर्माण।जांच दल में जहानाबाद ग्रामीण प्रखंड सचिव मो. हसनैन अंसारी व गया जिला कमेटी सदस्य रवि कुमार भी शामिल थे।


