बिहार के सभी ज़िला पदाधिकारियों से “बाल श्रम मुक्त ज़िला” बनाने को ले करेंगे पत्रचार -डॉ अरविन्द वर्मा, चेयरमैन
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार से संपादक अरुण कुमार वर्मा कि रिपोर्ट खगड़िया (बिहार)। बिहार में बढ़ रहे बाल श्रमिकों की संख्या को देखते हुए इसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से बिहार पॉवर ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ अरविन्द वर्मा ने एक विशेष पहल की है। इस वर्ष बीपीआई के माध्यम से बाल श्रमिकों का उन्मूलन और उनके पुनर्वास हेतु जन जागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। डॉ वर्मा ने मीडिया से एक भेंट में कहा बिहार में बाल श्रमिकों का उत्पन्न होने का मुख्य कारण है गरीबी एवं और अशिक्षा । बाल श्रम जैसी घातक समस्या का उन्मूलन तभी संभव है जब बिहार में बाल श्रमिक अधिनियम की कड़ाई से लागू किया जाए और प्रतिबंधित नियोजनों से बाल श्रमिकों की विमुक्ति एवं उनके पुनर्वास की कार्रवाई की जाए। आगे डॉ वर्मा ने कहा बिहार पावर ऑफ इंडिया बिहार को “बाल श्रम मुक्त राज्य” बनाने के लिए ठोस कदम उठाने जा रही है। इसके तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन बिहार के विभिन्न जिलों में की जाएगी और वातावरण ऐसा तैयार किया जाएगा जिससे बिहार के नौनिहाल बच्चे अपनी गरीबी के कारण जो स्कूल नहीं जा पाते हैं उन्हें विद्यालय जाने और उनके समुचित पोषण एवं उनके मानसिक, शारीरिक और नैतिक विकास में सहायक हो सके। इस कार्य को अंजाम देने के लिए बिहार पॉवर ऑफ इंडिया बिहार के ऐसे आर्थिक दृष्टिकोण से संपन्न लोगों से संपर्क करेगी और यथासंभव उनसे आर्थिक सहयोग लेने का प्रयास करेगी ताकि बिहार को बाल श्रम मुक्त राज्य बनाया जा सके। आगे डॉ वर्मा ने कहा बिहार के सभी 38 जिले के जिला पदा धिकारियों से इस संबंध में बिहार पॉवर ऑफ इंडिया द्वारा पत्राचार कर उनसे आवश्यक सहयोग लेने का भी प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा बिहार के जिलाधिकारी अगर चाहें तो अपने-अपने जिले को बाल श्रम मुक्त जिला घोषित करा सकते हैं। इसके लिए जिला पदाधिकारियों को विशेष पहल करनी होगी। हालांकि, बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों के साथ-साथ बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग द्वारा अपने अपने तरीके से कार्य किया जा रहा है। डॉ वर्मा ने यह भी कहा किसी भी सरकारी योजनाओं को पूर्णतः सफल बनाने में जन सहयोग बहुत जरूरी है।


