जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया विधानसभा क्षेत्र 149 से निर्दलीय उम्मीदवार और चर्चित शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह की भव्य आशीर्वाद यात्रा ने खगड़िया विधानसभा में सत्ताधारी एनडीए और महागठबंधन के होश उड़ा दिए हैं। सोमवार को हजारों की भीड़ ने यात्रा को जनसैलाब में बदल दिया, जो बड़े दलों के ‘बाहरी’ नेताओं की नींद हराम कर रही है। प्रधान कार्यालय से शुरू होकर सूर्यमंदिर चौक, पटेल चौक, कचहरी रोड, विद्यार्थी टोला, अमनी, रनखेत, सबलपुर, बछौता, नवटोलिया और मथुरापुर तक फैली इस यात्रा में महिलाएं, युवा और किसान फूल-मालाओं से स्वागत करते नजर आए। रनखेत की विशाल सभा में मनीष ने विपक्ष पर करारा हमला बोला, जो अब त्रिकोणीय मुकाबले को एकतरफा बनाता दिख रहा है।रथ से गरजते हुए मनीष कुमार सिंह ने एनडीए के जदयू उम्मीदवार बबलू कुमार मंडल और महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी चंदन यादव पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, ये बाहरी नेता चुनाव जीतते ही गायब हो जाते हैं। जनता को उनके दरवाजे ठोंकने पड़ते हैं, लेकिन खगड़िया का बेटा 24 घंटे आपके साथ खड़ा रहेगा। जाति-दल से ऊपर उठकर स्वच्छ राजनेता चुनें। 6 नवंबर को प्रेशर कुकर छाप (क्रमांक 9) पर बटन दबाएं!” मनीष ने विपक्षियों को चुनौती दी कि वे बताएं, पिछले पांच सालों में कितनी बार खगड़िया की जनता के दुख दर्द में शामिल हुए ? “बाढ़ की मार झेलते किसान, पढ़ाई के लिए पटना-दिल्ली भटकते बच्चे और बेरोजगार युवा—इनकी तकलीफों में ये ‘बड़े नेता’ कहां थे? मैं स्थानीय हूं, आपकी हर समस्या का समाधान दूंगा।”मनीष कुमार सिंह की आशीर्वाद यात्रा ने बनाया त्रिकोणीय मुकाबला, हजारों ने थामा साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाढ़ नियंत्रण को प्राथमिकता बताते हुए मनीष सिंह ने वादा किया, मेरे हाथ मजबूत कीजिए, तो आपके बच्चों को बेहतर स्कूल-कॉलेज यहीं मिलेंगे। कोई अधिकार छिनने न पाएगा। बाहर से आए ये नेता सिर्फ वोट लेकर दिल्ली भागते हैं, लेकिन मैं खगड़िया की माटी का लाल हूं—हर सुख-दुख में साथ निभाऊंगा!”भीड़ ने तालियों से उनका स्वागत किया, जो साफ बता रहा था कि जनता इस बार ‘बाहरी’ नेताओं से तंग आ चुकी है।विपक्षी खेमे में खलबली साफ दिख रही है। जदयू के बबलू मंडल मनोज तिवारी जैसे स्टार प्रचारकों के भरोसे रोड शो कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय मुद्दों पर चुप्पी साधे हैं। वहीं कांग्रेस के चंदन यादव राहुल गांधी की रैलियों पर निर्भर हैं, पर जनता पूछ रही है— “2020 में कांग्रेस जीते, फिर विकास कहां गायब हो गए?” निर्दलीयों की धमक से घबराए बड़े दल अब बागियों को मनाने में जुटे हैं, लेकिन मनीष सिंह की यात्रा ने साबित कर दिया कि खगड़िया बदलाव चाहता है।यह यात्रा सिर्फ रैली नहीं, बल्कि बड़े दलों के खिलाफ जनाक्रोश का प्रतीक बन गई है। प्रेशर कुकर छाप अब खगड़िया की उम्मीद बन चुका है। 6 नवंबर को मतदान, लेकिन मनीष का संदेश साफ—“बाहरी नेताओं को सबक सिखाओ, स्थानीय बेटे को जिताओ!” चुनावी पारा चरम पर, देखते हैं कौन बाजी मारता है।
मनीष कुमार सिंह की आशीर्वाद यात्रा ने चौकाया त्रिकोणीय मुकाबला,उमड़ी हजारों की भीड़
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