जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद
भारत सरकार डब्लू ,टी ,ओ, से बाहर आओ,
मोदी सरकार अपनेकिए गए वादे को अभिलंब लागू करें।
बिहार और जहानाबाद के किसानों के ज्वलंत सवालों पर जहानाबाद में मार्च एवं प्रदर्शन।
राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर आज जहानाबाद में भी संयुक्त रूप से किसानों का जुलूस निकालते हुए संविधान के रचयिता बाबा साहेब अंबेडकर को तथा कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को माल्यार्पण करते हुए डीएम कार्यालय तक सैकड़ो की संख्या में किसान पहुंचे तथा भारत सरकार के नाम डीएम को 16 सूत्री मांग सुपुर्द किया । अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय नेता डॉ रामाधार सिंह ए आई के एस के नेता ओमप्रकाश ए ए के एस के ही नेता जगदीश प्रसाद दिलीप कुमार सीटू नेता राम प्रसाद पासवान नरेंद्र सिंह ए आई के के एम एस नेता उमाशंकर वर्मा एक्टू नेता शिव शंकर प्रसाद महासंघ गोप गुट के नेता उदय कुमार ए एन एम नेत्री गायत्री कुमारी चांदनी कुमारी नीरज कुमारी माले नेता व राज्य कमेटी सदस्य श्रीनिवास शर्मा खेत ग्रामीण मजदूर सभा के जिला सचिव प्रदीप कुमार किसान महासभा के नेता शौकीन यादव ब्रह्मदेव प्रसाद चितरंजन पासवान, अभय पासवान जोगेंद्र यादव आदि ने संबोधित किया।
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा आज ही के दिन 1942 में जब हमारे देश पर अंग्रेजों का राज था तब देश की आजादी खातिर आजादी की लड़ाई में लड़ने वाले दीवानों ने यह घोषणा किया था अंग्रेजों भारत छोड़ो आज हमारे देश में अंग्रेजी सल्तनत तो नहीं है लेकिन उनके रास्ते पर चलने वाले देश का हुक्मरान देश पर कॉर्पोरेट घरनो के जरिए देश के श्रमिकों के श्रम की लूट कर रहा है और देश को गुलाम बनने पर आतुर है जिसे देश की जनता बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है साथ ही साथ भारत सरकार
डब्लू टी ओ के साथ समझौता कर देश के चल और अचल संपत्ति को कॉरपोरेट को
विश्व व्यापार के मध्यम से भारत को कंगाल बनाने की ओर बढ़ता चला जा रहा है, साथ ही साथ देश के किसानों को मजदूरों तथा श्रम करने वाले लोगों के हितों की परवाह किए बगैर लगातार इन पर आर्थिक सामाजिक हमले जारी किए हुए है । किसानों के ऊपर हमले के खिलाफ टिकरी बॉर्डर सिंधी सिंधी बॉर्डर गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार 13 महीना तक लाखों की संख्या में किसानों ने आंदोलन चलाया, वाद्य होकर केंद्र सरकार ने इनके साथ समझौता किया समझौते में इसने कहा की कृषि से उत्पादित सभी वस्तुओं को हम सरकारी स्तर पर खरीद कर सीटू २+प्लस 50% न्यूनतम समर्थन मूल्य देंगे । साथ हीजो इस आंदोलन में शहीद हुए हैं उन शहीद परिवारों को हम सरकारी नौकरी देंगे इस तरह से कई बादे मोदी सरकार ने किया था। आज उन सब बादो से मुकर गया है ।आज देश की जनता मांग कर रही है कि आप वादा निभाए। बिहार के किसान नीतीश सरकार से यह कह रही है कि जिस एपीएमसी को तुमने समाप्त किया है उसे पुनः बहल करो ।बिहार में आपने जातीय सामाजिक सर्वेक्षण कर 95 लाख लोगों को 72000 से नीचे आए के परिवार के रूप में घोषित किया है जिन्हें तुम छोटे उद्योग के लिए₹200000 देने का वादा किया है इस बादेको तुम पूरा करो साथ ही साथ बिहार में बेघर परिवारों को जब तक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं किया जाए तब तक उसे उजारना बंद करो तथा प्रत्येक परिवार को 10 डिसमिल जमीन दो किसान एवं मजदूरों को₹10000 मासिक पेंशन की गारंटी करो ।कृषि कार्य हेतु 16 घंटा मुक्त बिजली दो और दिल्ली के तर्ज पर प्रत्येक परिवार को 200 यूनिट प्रतिमाह बिजली मुफ्त देने की गारंटी करो 2020 बिजली विधेयक को वापस लो प्रीपेड मीटर बंद करो। समान काम का समान वेतन दो संविदा पर बहाली बंद करो ए एन एम कर्मियों को एफ आर ए एस से हाजिरी बनाने की पद्धति को समाप्त करो ग्रामीण क्षेत्र मेंस्वास्थ्य उप केदो पर सामान्य सुविधा की व्यवस्था करो यथा शौचालय पेयजल बिजली आदि मजदूरों के लिए चार श्रम कोड को वापस लो इत्यादि बिंदुओं को केंद्रित कर अपने वक्तव्य को रखा।


