गुजरात राज्य के वलसाड जिले के भिलाड -डहेली अन्तर्गत एकता नगर की एकता पार्क सोसाइटी द्वारा चल रहे गणेश *महोत्सव के उपलक्ष्य में 11 दिन लगातार पूजापाठ के बाद 17 सितम्बर मंगलवार अनंत चतुर्दशी के दिन भक्तिमय माहौल में मिशन-झरोली स्थित की दमणगंगा नदी मे बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को विसर्जित किया गया*
वलसाड -गुजरात से टंकप्रसाद दाहाल की रिपोर्ट
गुजरात राज्य के वलसाड जिले के भिलाड -डहेली अन्तर्गत एकता नगर की एकता पार्क सोसाइटी द्वारा चल रहे गणेश महोत्सव के उपलक्ष्य में 11 दिन लगातार पूजापाठ के बाद 17 सितम्बर मंगलवार अनंत चतुर्दशी के दिन भक्तिमय माहौल में मिशन-झरोली स्थित की दमणगंगा नदीमे बड़ी धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को विसर्जित किया गया।।
आप बता दे की एकता नगर की एकता पार्क मे 11 दिन से विराजित श्री गणेश जी की प्रतिमा के विसर्जन से पूर्व
अंनत चतुर्दशी के दिन दोपहर के पश्चात महाआरती के बाद पंडालों से लंबोदर की विदाई के लिए शोभा यात्राएं निकालने का क्रम प्रारंभ हुआ-तब उस वक्त एकता पार्क सोसाइटी के महिला व पुरुष और बच्चे पारंपरिक तौर से भागुवा वस्त्र पहनकर गणपति भक्त बनकर एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर एंव डीजे बाजे एंव ढोल नगाड़ों की धून में सभी झूमते हुये और नाचते हुये गौरीपुत्र श्रीगणेश एकता नगर से निकल कर भिलाड फाटक भ्रमण करते हुये भिलकाई माता मंदिर से और आगे बडी तो जहाँ मिशन -झरोली समीप की दमणगंगा नदि के
तट पर पहुंचे –ततपश्चात उपस्थिति सभी भक्तों ने प्रथम पूज्य,देवादिव देव महादेव के सुपुत्र एंव सुख समृद्धि के जन्मदाता एंव जगत जननी मां पार्वतीजी के प्यारे लाडले श्री गणपति जी को भक्तिभाव के साथ आरती पूजन करने के बादमे उत्साहपूर्वक गणपति बप्पा
को दमणगंगा नदी में विसर्जित किया।।।
इस पावन अवसर पर बप्पा से सभी के सुख, वैभव और समृद्धि की कामना की गई। और श्रीगणेश जी की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता की कामना करते हुए, हम उनके अगले वर्ष जल्दी आगमन की प्रतीक्षा करेंगे। गणेश विसर्जन शोभायात्रा के दौरान पुर्व आयोजक मंडल द्वारा भंडारों का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद का आनंद लिया.।।।
उस वक्त सभीने एक शोरमे गणपति बप्पा मोरिया-मंगलमूर्ति मोरया और भगवान श्री गणेश की जयकारा लगाते रहे।। इसमें विशेष तौर से आयोजक मंडल से मयंकभाई भंडारी, डीडी गुप्ता, संजयभाई, मयूरभाई, मन्टुभाई, नारायणभाई, सरवनभाई, संजय झा और अन्य भक्तगणों ने भाग लिया। इस अवसर पर मयंकभाई की मंडल से सभीको सम्बोधित करते हुये यह कहा की 11 दिनों तक लगातार पूजापाठ मे सहभागिता रह कर गणेश स्थापना से लेकर विसर्जन कार्यक्रम को सफल और सकुशल बनाए रखने वाले समस्त मित्रों-साथियों का बहुत-बहुत धन्यवाद एवं हार्दिक अभिनन्दन किया और यह कहा की गणेश चतुर्थी के त्योहार का अंतिम दिन गणेश प्रतिमा विसर्जन और महत्वपूर्ण दिन होता है, विसर्जन का धार्मिक महत्व यह है कि भगवान गणेश धरती पर आते हैं और भक्तों की सभी परेशानियों को हर कर वापस अपने लोक चले जाते हैं। गौरी पुत्र श्री गणेश सभी का कल्याण एंव मंगल करें और आप सभी स्वस्थ रहे मस्त रहे। गणेश विसर्जन के इस पावन अवसर पर हमें अपने जीवन से नकारात्मकता को त्यागकर प्रेम, शांति और सद्भाव को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम में पधारे सभी श्रद्धालुओं का हम हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।


