JNA/कौशल कुमार
* राजवनेश्व़र नाथ धाम रजौन, बांका के थाना परिसर में शिव शक्त़ि महारूद्र यज्ञ-2026 में श्रद्धालुओं ने किया पूजन*
*यज्ञ समिति के सदस्यों, पत्रकारों और गण मान्य नागरिकों को अंगवस्त्र से किया गया सम्मानित*
*251 फलदार, औषधीय, छायादार और सजावटी पौधे का निःशुल्क वितरण किया गया*
राजवनेश्व़र नाथ यज्ञ समिति रजौन के तत्वावधान में 21 अप्रैल मंगलवार सुबह 7:17 में कलश शोभा यात्रा और 12:26 में यज्ञ प्रारम्भ हुआ। 29 अप्रैल बुधवार को संध्या लगभग 4 बजे यज्ञ पूर्णाहुति हुई। वरिष्ठ पत्रकार कवि संदीप कपूर वक़्तनाम को श्री श्री 1008 शिव शक्त़ि महारूद्र यज्ञ समिति के अध्यक्ष सह आचार्य वासुकीनाथ सिंह, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र साह राजु जी एवं राजकुमार सिंह ने बताया कि इस नौ दिवसीय महायज्ञ में भजन, आध्यात्मिक प्रवचन, पौधरोपण, मेला, झांकी से सम्पूर्ण रजौन समाज का वातावरण भक्त़िमय और खुशहाल हो गया। कथावाचक डॉ० महेशानंद जी, बालमुकुंद पाठक उर्फ फकीरा बाबा, ओंकारेश्व़र बाबा, राधे महन्त, यज्ञ आचार्य अनिरुद्ध शास्त्री, भजन गायक प्रदीप ब्रजवासी एवं उनके सहयोगी अनुज श्याम ब्रजवासी एवं योगेश ब्रजवासी के कला कौशल ने श्रद्धालुओं में उत्साह का संचार किया। 51 देवी-देवताओं की प्रतिमा ने यज्ञ स्थल पर बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को आकर्षित किया।
यज्ञ के पंडित अनिरुद्ध शास्त्री एवं उनके सहयोगी पंडितों ने हवन कुंड में आहुति दी। यज्ञ के आचार्य बासुकीनाथ सिंह और उनकी धर्मपत्नी सारिका सिंह बनीं। लगातार नौ दिनों तक अखंड संकीर्तन रामधुन के आचार्य यज्ञ समिति के उपाध्यक्ष देवनन्दन प्रसाद श्रीवास्तव और उनकी धर्मपत्नी मनिषा देवी बनीं। श्रीराम कथा के आचार्य प्रकाश मंडल और उनकी धर्मपत्नी किरण देवी बनीं जबकि शिवमहापुराण कथा के आचार्य हिमांशु कुमार और उनकी धर्मपत्नी रेशम भारती बनीं। यज्ञ स्थल के निकट मेला परिसर में मनोरंजन के लिए तारामंची, रेल, नाव, झूला, मिठाई और खिलौने की दूकानों में बच्चों और बड़ों की अच्छी खासी भीड़ रही।
यज्ञ को सफल बनाने में यज्ञ समिति के सचिव पूर्व सरपंच प्रदीप सिंह, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र साह राजु जी, उपसचिव निरंजन यादव उर्फ पप्पू यादव, पूर्व प्रधानाध्यापक अश्व़नी दास, मंच उदघोषक पत्रकार अश्व़िनी श्रीवास्तव सहित समिति के सभी सदस्यों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंगलवार की शाम यज्ञ समिति के सदस्यों, पत्रकारों और गण मान्य नागरिकों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यज्ञ के अंतिम दिन पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से हरित रजौन की ओर से 251 फलदार, औषधीय, छायादार और सजावटी पौधे का निःशुल्क वितरण किया गया।


