*पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान से अंतरंग वार्ता की कथा वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविन्द वर्मा ने सुनाई*
JNA/Indu Prabha खगड़िया। “तन लड़कपन और जवानी सब बदलता जायेगा, यादगारी के लिए सिर्फ़ फोटो ही रह जायेगा”। उक्त कथन को चरितार्थ कर रहा है वर्षों पूर्व की यह तस्वीर जिसमें भारत सरकार के श्रम एवं कल्याण मंत्री रामविलास पासवान से अंतरंग बातचीत कर रहे हैं युवा लेखक व आज के वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविन्द वर्मा। अपने इतिहास को बयां करने वाली यह तस्वीर स्वo रामविलास पासवान के जन्म स्थल अलौली के एक कार्यक्रम की है। गैर राजनीतिक एवं सामाजिक संस्था ” बिहारी पॉवर ऑफ इंडिया ” के चेयरमैन वरिष्ठ पत्रकार डॉ अरविन्द वर्मा ने अपने एलबम से प्राप्त इस तस्वीर को मीडिया के समक्ष प्रस्तुत कर राम विलास पासवान के गुणों की चर्चा करते हुए कहा रामविलास जी ऐसे नेता थे जिनके दिल में हमेशा गरीब , पिछड़े और दलितों के प्रति बहुत कुछ करने की तमन्ना रहती थी। उन्होंने कई प्रधान मंत्री के साथ केन्द्र की सरकार में मंत्री रह कर बेहतर और अविस्मरणीय कार्य किया , जो आज इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। वे चाहे सत्ता में रहे या विपक्ष में सदा हर पार्टी के लोगों से एक सा व्यवहार किया करते थे। पूरे देश में डॉ अम्बेडकर के बाद राम विलास पासवान ही ऐसे नेता उभरे जिनकी चर्चा दूसरे अंबेडकर के रुप में होती रही। आगे डॉ वर्मा ने कहा मुझे वो दिन याद है जब एक केंद्रीय मंत्री के रूप में खगड़िया जिला मुख्यालय के विद्याधार मुहल्ले में अपने आवास पर आए थे। वापस दिल्ली जाते समय उनके पिता जामुन दास (कबीर पंथी) ने अपने ज्येष्ठ पुत्र रामविलास पासवान को गले लगाकर चूमा था। पिता और पुत्र के बीच असीम प्रेम का वह दृश्य आज भी मेरे मानस पटल पर अंकित है। उन्होंने ने अपने जीते जी अपने तीनों भाई के बीच अटूट बंधन बनाए रखा जो भाई भाई में प्रेम उसी तरह था जिस तरह भगवान बलभद्र और भगवान कृष्ण दोनों भाई के बीच का प्रेम।


