जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद यह मार्च व सभा आजादी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में आयोजित था। आज संपूर्ण बिहार में एस आई आर की आड़ में वोट के अधिकार से वंचित कर देने की साजिश एनडीए सरकार के इशारे पर किया जा रहा है ।विगत 26 जुलाई से बिहार में गहन मतदाता पुनरीक्षण ,निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहा है, चुनाव आयोग के एक महीने के कसरत के बाद 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बिहार में 62 लाख मतदाताओं को बाहर कर दिया गया है, ये 62 लाख मतदाता वही है जो 2024 के संसदीय चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किए थे ।विडंबना है कि महज 1 साल के अंदर बड़े पैमाने पर मतदाता अपने मताधिकार से चुनाव आयोग के नजरों में वंचित हो गए हैं ।इंडिया गठबंधन यह मांग किया है कि इसमें से कौन ऐसे मतदाता मृत ,स्थाई तौर पर अपने आवास से विस्थापित तथा दोहरी मत प्रयोग करने वाले हैं ,इसकी सूची दी जाए ।चुनाव आयोग इससे इसीलिए भाग रहा है कि अपने हट धर्मिता के तहत मुर्दे मतदाताओं को फॉर्म भरवा कर जिंदा कर दिया है, दूसरे तरफ वाजिब मतदाता जो अपने आवास पर ही हैं उन्हें कैंसल वाले लिस्ट में डाल दिया है ,जिससे से मांग किया जा रहा है कि तुम अपना जन्म एवं आवास प्रमाण पत्र देते हुए फॉर्म सिक्स भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराएं , ज्ञातव्य हो कि बिहार में 17 लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं जिनके पास कोई अपना घर ही नहीं है ।लाखों ऐसे परिवार हैं जिनके पास जन्म के लिए कोई प्रमाण पत्र नहीं है ।क्या ऐसे सभी लोग प्रवासी नागरिक हैं ।देश की आजादी के बाद एक ही तो सभी नागरिकों को अधिकार दिया गया था ,वह था व्यसक सार्वभौमिक मताधिकार,जिसे छीनने की साजिश है । एस आई आर के तहत यही किया जा रहा है। जिसका खिलाफतभाकपा माले ने किया है ।उक्त बातें सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला सचिव रामाधार सिंह, जिला कमेटी सदस्य प्रदीप कुमार ,राकेश कुमार ,सत्येंद्र रविदास, शौकीन यादव, उदय पासवान, बुद्धदेव यादव, रेणु देवी, मुकेश पासवान,माले नेता प्रमोद चंद्रवंशी ,संजय चंद्रवंशी, अंबिका यादव ,ब्रह्मदेव प्रसाद ,विजय कुमार ,चितरंजन पासवान , विकास कुमार ,रघुनी महतो ,बजरंगी पासवान सहित दर्जनों नेताओं ने कहा।


