जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद गरीब सब्ज़ी विक्रेता मोहसिन आलम की नाहक़ हत्या ने बिहार के सुशासन पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। 17 सितम्बर 2025 को काको बाज़ार में महज़ पाँच रुपये की मामूली कहासुनी पर 65 वर्षीय मोहम्मद मोहसिन आलम को बाज़ार समिति के एजेंट विक्की पटेल ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। गवाहों का कहना है कि आरोपी ने पहले लात-घूँसों से हमला किया और फिर बटखरे से सीने पर वार किया। देखते-देखते मेहनतकश सब्ज़ीवाले की साँसें थम गईं और उसकी लाश घंटों सड़क पर पड़ी रही। इस दर्दनाक वाक़ये ने न सिर्फ़ एक ग़रीब परिवार को उजाड़ा, बल्कि पूरे जहानाबाद ज़िले को हिला दिया।आज सातवें दिन आरोपी विक्की पटेल ने माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। यह केवल एक क़ानूनी कार्यवाही नहीं, बल्कि गरीब सब्ज़ीवाले मोहसिन की बेगुनाह रूह के लिए इंसाफ़ की पहली सीढ़ी है। अदालत की निगाहें अब इस मामले पर हैं और जनता को उम्मीद है कि गुनहगार को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलेगी। आरोपी की निष्पक्ष और तेज़ी से सुनवाई मोहसिन आलम के परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये का मुआवज़ा और एक सदस्य को नौकरी मोहसिन आलम की मौत किसी एक इंसान की मौत नहीं, यह हमारे समाज की इंसानियत की परीक्षा है। यह ग़रीबों के हक़ और न्याय पर सीधा हमला है। आज जब आरोपी ने आत्मसमर्पण किया है, तो जनता का ऐलान है हमें इंसाफ़ चाहिए, और इंसाफ़ हर हाल में मिलेगा। अब हर मोहसिन का लहू बेकार नहीं जाएगा।


