*खड़गी-तिरासी पुल निर्माण में स्टीमेट घोटाला में जूटा है संवेदक व विभाग: त्यागी*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्योरो चिप प्रभु जी खगड़िया: आखिर खगड़ियावासी ने क्या बिगाड़ा है। नीतीश कुमार को लगातार कभी चार में चार, कभी चार में तीन और कभी चार में दो विधायक देती रही है। खगड़ियावासी दिलो जान से नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव को सम्मान देने का काम किया है। इसके बावजूद खगड़िया के साथ सौतेलापन व्यवहार क्यों? उपरोक्त बातें भाजपा के वरीय नेता ई. धर्मेंद्र कुमार ने खड़गी-तिरासी घाट पर दस पंचायत द्वारा आहूत एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम में उपस्थित पंचायतवासी को संबोधित करते हुए कहा। ज्ञातव्य हो कि रविवार को एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गोगरी में रेफरल अस्पताल में सौ शैय्या बेड के नवनिर्मित निर्मित भवन का उद्घाटन कर रहे थे, वहीं खड़गी-तिरासी घाट पर दस पंचायत की जनता अर्द्धनिर्मित पुल को पूरा करने हेतु उपवास कर रहे थे। जिसकी अध्यक्षता तेताराबाद पंचायत के शिक्षाविद शंभू सिंह एवं संचालन समाजसेवी चंद्रशेखर तांती ने किया। उपवास कार्यक्रम का समर्थन करते हुए युवा शक्ति के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि आखिर अर्द्धनिर्मित पुल को पूरा करने हेतु पंचायतवासियों को कंपकपाती ठंड में घाट किनारे उपवास क्यों करना पड़ रहा है? इसकी प्रासंगिकता क्या है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हीं घोषणा पर पल का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। गत वर्ष 2023 में बिहार सरकार के हीं एक मंत्री के संबंधी को इसके निर्माण का संविदा मिला। आगाज तो अच्छा हुआ और खगड़िया जिला में यह प्रथम सरकारी कार्य है, जिसमें स्थानीय खड़गी-तिरासी के लोग पुल कर्मचारियों को कार्य करने में भरपूर सहयोग किया। ज्ञात हो कि जिस दिन पुल निर्माण हेतु सामग्री आना हुआ तो कई बुजुर्गों के आंखों में खुशी के आंसू छलक रहे थे। उन्हें विश्वास हो चला था कि जिस दर्द को हम और हमारे पूर्वजों ने झेला, अब मेरा बेटा पोता नहीं झेलेगा। लेकिन क्या पता था कि विकास की रोशनी का झलक दिखाकर डूब जाएगी। अगस्त से हीं काम बंद हुआ। इस आश्वासन के साथ कि बाढ़ समाप्ति के बाद कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। बाढ़ समाप्त होने के बाद जब संवेदक द्वारा जेसीबी सहित अन्य सामग्री लेने लेकर वापस जाने लगा तो कहा गया कि एक सप्ताह में काम शुरू किया जाएगा। जब कई सप्ताह गुजर गया तो कहा गया कि एक करोड़ रूपया सरकार के पास बकाया है, रुपया मिलेगा तो पुल निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। जब स्थानीय लोग जिलाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता से विलंब का कारण पूछा तो कभी बताया जाता है कि ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड हो गया तो कभी टेंडर रिवाइज के लिए गया है तो कभी कहा जाता है कि अब पुल नहीं बनेगा। श्री त्यागी ने जिलाधिकारी एवं पुल संबंधित पदाधिकारी से आग्रह किया कि पुल का निर्माण कार्य यथाशीघ्र प्रारंभ करें नहीं तो यह पुल का स्थिति मानसी स्थित मटिहानी-टीकारामपुर पुल जैसा हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि मानसी गंडक नदी पर बन रहे पुल गिट्टी और मिट्टी मिलाकर बनाया गया है, जो पूरा होने के बाद कभी भी गिर सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में सरकार का पोल खोलते हुए कहा कि एक साल के अंदर रिवाइज टेंडर क्यों? क्या रिवाइज स्टीमेट देने में छह माह लगेगा। यह आम जनता को आंख में धूल झोंकने के समान है। यह मामला सिर्फ लूटने का है, क्योंकि संवेदक को लगता है कि उनका संबंधी बिहार के मंत्री हैं और नीतीश कुमार के नाक के बाल हैं। इसलिए उनका कोई क्या बिगड़ेगा। उन्होंने उपस्थित पंचायतवासी को आश्वासन देते हुए बिहार सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस पुल का आपने आगाज किया था, उसे समय रहते पूरा करें नहीं तो होने वाला समय भाषणबाज को सबक सिखाने का काम करेगी। अपने संबोधन में सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चंद्र जोशी एवं वरीय पत्रकार चंद्रशेखरम ने कहा कि आखिर खगड़ियावासी को किसकी नजर लग गई है। कभी अगवानी पुल साल में दो बार गिरता है। डुमरी पुल क्षतिग्रस्त होकर 8 साल आका का इंतजार करती है। खगड़िया गंडक पुल उद्घाटन के एक माह के अंदर टूट जाती है। आहोक पुल उद्घाटन के एक दिन के अंदर में भैंस के चलने से ध्वस्त हो जाती है। अब बहुत हो चुका है नितीश बाबू, अब खगड़िया को बक्स दीजिए। खगड़िया को नरक में मत ढ़कलिए। खगड़िया को लूट का चारागाह मत बनने दीजिए। इस अवसर पर पुल निर्माण संघर्ष समिति के रामबालक सिंह, रामसेवक सिंह, जवाहर राम, दशरथ राम, विक्रम तांती, अमरजीत तांती, परमानंद सिंह, आनंदी सिंह, विजय सिंह, हरेराम सिंह, अरुण शर्मा, कपिल देव शर्मा, श्रवण शर्मा, पिंकी देवी, रामचंद्र चौधरी, राजदेव चौधरी, किरानी चौधरी, शिव ठाकुर, संजीत सदा, लखन सदा, रामदेव सदा सहित सैकड़ों महिला छात्र युवाओ ने संकल्प लिया की पुल निर्माण होने तक संवेदक के किसी भी सामान को वापस नहीं जाने देंगे। संवेदक कार्य प्रारंभ करें हम लोग हर तरह से सहयोग के लिए तैयार हैं। यदि 72 घंटे के अंदर जिला प्रशासन द्वारा ठोस पहल नहीं होगा तो हम लोग बाध्य होकर सड़क पर उतरेंगे।


