नेटवर्क डेस्क/जेएनए/विशाल वर्मा
शास्त्री नगर,मुंगेर ।बलभद्र पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान बलभद्र की पूजा और जश्न के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार और झारखंड जैसे पूर्वी भारतीय राज्यों में मनाया जाता है, विशेष रूप से व्याहूत कलवार समाज द्वारा। बलभद्र पूजा के लाभ ,धार्मिक महत्व*: बलभद्र पूजा भगवान बलभद्र की पूजा और आराधना का अवसर प्रदान करती है, जो हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण देवता हैं।
– *सामाजिक एकता*: यह त्योहार समाज के लोगों को एकजुट करने और सामाजिक बंधनों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
– *सांस्कृतिक महत्व*: बलभद्र पूजा के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों का आयोजन किया जाता है, जो स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है।
*बलभद्र पूजा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम:*
– *भव्य शोभा यात्रा*: मुरलीगंज में व्याहुत पंचायत समिति द्वारा आयोजित शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
– *पूजा और आराधना*: भगवान बलभद्र की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है।
– *सांस्कृतिक कार्यक्रम*: भजन-कीर्तन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है ¹। इधर जगदूत न्यूज एजेन्सी के अनुसार कलवार समाज का आपसी एकता की जरूरत पर वल देते हुए कहा प्रत्येक माह कलवार समाज के प्रत्येक परिवार के दरवाजे पर ऐसे कार्यक्रम होने की वात कही ।


