JNA/ राकेश कुमार
रसिया रूस से खगडिया के योगीराज डा० रामनाथ अधोस्पीठ आई योगी अन्पूर्णानाथ ने कहा कि मौत पर आज तक किसी ने विजय नहीं पाया साधना हमारी ताकत है। बड़े पदों और भौतिक सुखों को त्याग कर रूस की महिला बनी अघोरी ने कहा कि यहा की व्यवस्था अच्छी लगी। मानव जीवन में साधना ही एक ऐसा उपाय है जहां सुख दुख नहीं होता। कोई अपना और कोई पराया नहीं होता। बोले साधक की ओर उगुली उठाने वाले मोमबती की तरह गलकर नाश हो जाते हैं और उसे बर्बादी का पता तब चलता है जब उसकी संपूर्ण बर्बादी हो चुकी होती है। रूस की महिला अघोरी हिन्दी नहीं बोल पाती थी वह अग्रेजी में बात करती थी। उनके साथ आए दीपक नाथ उन्हें अंग्रेजी से हिन्दी में समझा रहे थे। बताया कि भारत देश केप्रमुख साधना स्थल के लिए वे बुल्लेट बाइक से निकले। मा तारापीठ, बालुरघाट होते हुए वे खगडिया पहुंचे और सिद्दपीठ आश्रम में रातभर साधना की। योगीराज डा० रामनाथ अघोरपीठ आश्रम के ट्रस्टी मुकेश कुमार सिंह और सचिव रणवीर कुमार समेत अन्य ने उनका स्वागत किया। मालूम हो कि योगीराज डा० रामनाथ अघोरपीठ का देश और विदेशों में आश्रम है। देश और प्रदेश के साधक यहां आकर साधना करते हैं।


