जिले में यूरिया एवं खाद की कालाबाजारी की सूचना पर जिलाधिकारी रिची पांडेय ने आज समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों को समय पर और उचित दाम पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में उर्वरक की आपूर्ति और वितरण की दैनिक मॉनिटरिंग की जाए। प्रखंड कृषि पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हर प्रखंड में किसानों को उनकी आवश्यकता अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध हो। प्रखंड स्तर पर उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया जाए और निर्धारित मूल्य से अधिक पर बिक्री करने वाले विक्रेताओं पर तुरंत कार्रवाई की जाए।सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी अपनी-अपनी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रतिदिन जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। बॉर्डर से लगे इलाकों में विशेष सतर्कता रखी जाए और वहां के उर्वरक विक्रेताओं की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर करीबी नजर रखी जाए। डीएम ने यह भी कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक मूल्य पर बिक्री पाए जाने पर दोषी विक्रेताओं का लाइसेंस रद्द कर प्राथमिकी दर्ज क
करने कि कारवाई करें। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी से कहा कि प्रखंडवार उर्वरक आवंटन एवं वितरण की पूरी जानकारी के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करें। बैठक में उपस्थित एसएसबी अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया कि बॉर्डर क्षेत्र में उर्वरक की अवैध ढुलाई एवं कालाबाजारी पर पैनी नजर रखें और कृषि विभाग से समन्वय कर दोषी तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करें।कार्य में लापरवाही बरतने पर बैरगनिया प्रखंड कृषि पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम श्री पांडेय ने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एडीएम राजस्व संजीव कुमार के साथ अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला जन संपर्क पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी कृषि समन्वयक उपस्थित थे।
उर्वरक की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई , डीएम
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