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Friday, May 1, 2026

10 से 17 तक जिले के सभी प्रखंडों में 19,00,543 लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया की दवा , सिविल सर्जन

* शुरुआत के तीन दिनों तक स्कूलों और अस्पतालों में बूथ लगाकर बच्चों सहित अन्य लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया रोधी दवा*

* इसके बाद 14 दिनों तक आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से घर- घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया की दवा*

*क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने और वुचेरिया बैंक्रोफ्टाई नामक परजीवी के कारण होता है फाइलेरिया की बीमारी*

जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया  10 फरवरी से अगले 17 दिनों तक जिले भर के सभी प्रखंडों में कुल 19,00,543 लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया रोधी की दवा । उक्त आशय कि जानकारी मंगलवार को राष्टीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी 10 फरवरी से शुरू हो रहे सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए राउंड) को ले आयोजित मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉक्टर अमिताभ कुमार सिन्हा ने दी। उन्होंने बताया कि शुरुआत के तीन दिनों तक स्कूलों और अस्पतालों में बूथ लगाकर बच्चों सहित अन्य लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी। इसके बाद 14 दिनों तक आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से घर- घर जाकर दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया कि दवा दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, एक सप्ताह के अंदर मां बनने वाली महिलाओं और गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को फाइलेरिया की दवा नहीं खिलाई जाएगी। पूरे देश में फाइलेरिया कि स्थिति कि जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पूरे देश में करीब 31 मिलियन लोगों में फाइलेरिया कि बीमारी है। वहीं 23 मिलियन लोग माइक्रो फाइलेरिक यानी कि उनके खून में माइक्रो फाइलेरिया है। इसके अलावा करीब 473 मिलियन लोग फाइलेरिया पोटेंशियल हैं यानी इतने लोगों को कभी भी फाइलेरिया हो सकता है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया कि बीमारी क्यूलेक्स नामक मच्छर के काटने और वुचेरिया बैंक्रोफ्टाई नामक परजीवी के कारण होता है। इस बीमारी में मच्छर के काटने के 5 से 10 साल के बाद ही फाइलेरिया के लक्षण देखने को मिलते हैं। इस बीमारी कि वजह से व्यक्ति का लिम्फेटिक सिस्टम प्रभावित होता है और अंगों में एक प्रकार का गाढ़ा द्रव्य के जमा हो जाने के कारण वो बहुत ही मोटा और विकृत हो जाता है। इस बीमारी कि वजह से व्यक्ति जीवन भर के लिए एक दिव्यांग कि जिंदगी जीने को विवश हो जाता है। इस बीमारी से बचाव का एक मात्र सरल और सुलभ उपाय यह है कि सभी लोग नियमित रूप से मच्छर दानी का उपयोग करें और साल में कम से कम एक बार सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम एमडीए राउंड जो आगामी 10 फरवरी से शुरू हो रहा है के दौरान सभी लोग निश्चित रूप से फाइलेरिया कि दवा के रूप में अल्बेंडाजोल और डीईसी दवा का सेवन करें। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉक्टर विजय कुमार , वेक्टर डिजीज कंट्रोल ऑफिसर मो. शहनवाज आलम, अली गौहर, डेवलपमेंट पार्टनर पिरामल स्वास्थ्य, पीसीआई और सीएफएआर के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए डिस्ट्रिक्ट वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल ऑफिसर डॉक्टर विजय कुमार ने बताया कि जिला के सभी प्रखंड अलौली, बेलदौर, चौथम, गोगरी, खगड़िया सदर, मानसी और परबत्ता में रहने वाली कुल 24,08,880 कि आबादी में से कुल 19,00,543 योग्य लाभार्थी को फाइलेरिया कि दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए जिला में कुल 19,00543 टैबलेट अल्बेंडाजोल और 47,71,360 टैबलेट डीईसी कि आपूर्ति की गई है। इसके लिए जिला भर में कुल 921 ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन टीम बनाई गई है। इसमें कुल 1505 आशा कार्यकर्ता, 143 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 196 वोलेंटियर, 91 सुपरवाइजर को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिला भर में हेल्थ फैसिल्टी और स्कूल स्तर पर कुल 665 बूथ बनाया है जहां बच्चों सहित अन्य लोगों को फाइलेरिया कि दवा खिलाई जाएगी।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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