खगड़िया बेगूसराय से पिछड़ा इसलिए है क्योंकि यहां नदियों के जल प्रबंधन को लेकर कोई प्रयास नहीं किया: प्रशांत किशोर
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया खगड़िया जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को गोगरी प्रखंड में प्रेस वार्ता की। इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि खगड़िया बिहार के सबसे गरीब और पिछड़े जिलों में से है। इतिहास बयां करते हुए लोग बताते हैं कि टोडर मल के जमाने में यहां लगान नहीं लिया जाता था। उस समय से यहां इतनी गरीबी है। गरीबी का एक मुख्य कारण यहां जल प्रबंधन का न होना भी है। करीब-करीब दो तिहाई खगड़िया बाढ़ से प्रभावित है। जहां बाढ़ नहीं आ रहा, वहां जल-जमाव की समस्या है। बड़ी संख्या में यहां पर किसान मक्के का उत्पादन करते हैं, लेकिन उन्हें फसल की सही कीमत नहीं मिलती है। अभी मक्के की कीमत करीब 2090 रुपए है।
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खगड़िया में कोई ऐसा मक्का उत्पादक किसान नहीं मिलेगा जिसने अपनी फसल को 1600, 1700 से 1800 रुपए से ज्यादा में बेचा हो प्रशांत किशोर ने कहा कि यहां गरीबी की मुख्य वजह उद्योग धंधे नहीं हैं, पढ़ाई की व्यवस्था नहीं है, पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा का ध्वस्त होना और किसानों की बदहाली ये तो हर जगह है। खगड़िया बेगूसराय के मुकाबले ज्यादा पिछड़ा इसलिए है क्योंकि यहां लोगों के सामाजिक, आर्थिक जीवन पर नदियों का प्रभाव ज्यादा है। यहां नदियों के जल प्रबंधन को लेकर कोई ऐसा प्रयास नहीं किया गया है। यहां दो पुल की मांग 20-25 साल से की जा रही है।
बावजूद इसके आज तक नहीं बना। यहां हर साल बाढ़ आता है, लेकिन उसके लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। एक ही विधायक तीन बार, चार बार से जीतकर आ रहे हैं लेकिन समस्याएं वही बनी हुई हैं। खगड़िया में जब तक पानी के प्रबंधन को ठीक नहीं किया जाएगा तब तक खगड़िया का समुचित विकास संभव नहीं है। खगड़िया बिहार के उन जिलों में मैं गिनती करता हूं जहां बाढ़ और पानी के प्रबंधन का प्राथमिकता के आधार पर रास्ता निकाला जाए तभी यहां का विकास हो पाएगा। वर्ना आप सड़क बनाइए, बांध बनाइए बाढ़ आएगा और सबकुछ नष्ट हो जाएगा।