जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद
किंजर , अरवल : भारत की आजाद करने में किंजर इलाके के भी कुछ उत्साही युवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है जिसमें किंजर ग्राम के राम प्रसाद बढई मंजय लाल गुप्ता रामचंद्र प्रसाद सिंह शनिचर ठठेरा मोहम्मद सादीक अंसारी बिंदा सिंह परियारी ग्राम के चतुरी शर्मा जेठयारा ग्राम के प्रोफेसर डॉ रामप्यारे सिंह पहली पंक्ति के जुझारू और लड़ाकू ब्रिगेड में थे इन सभी का नेतृत्व नगला के बंगला के मालिक और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कैंब्रिज विश्वविद्यालय के सहपाठी एवं एक ही छात्रावास के एक ही कमरे में रहने वाले नगला ग्राम निवासी सैयद शआदत हुसैन शाह उर्फ डिप्टी साहब करते थे डिप्टी साहब उस वक्त बंगाल प्रोभींस में पीसीएस की प्रतियोगिता परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त हुए थे लेकिन अंग्रेजी हुकूमत में बड़े अधिकारी बनने के बाद भी अपने वतन के लिए इतनी श्रद्धा थी कि वे अपना पूरा का पूरा बांग्ला अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले इलाके के आजादी के दीवानों के लिए समर्पित कर दिया था डिप्टी साहब को अपने बचपन में करीब से देखने वाले किंजर निवासी अवकाश प्राप्त पुलिस अधिकारी कामेश्वर सिंह कहते हैं कि आजादी के पूर्व इस बंगले पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सुभाष चंद्र बोस डॉ राजेंद्र प्रसाद विनोबा भावे स्वामी सहजानंद सरस्वती ऐन के सांदेलिया मौलाना मजहरूल हक शाह उमैर अनुग्रह नारायण सिंह जैसे अनेकों कद्दावर नेता यहां आए थे वहीं उन्होंने कहा कि किंजर ग्राम के राम प्रसाद बढई को अंग्रेज पुलिस ने गिरफ्तार कर इतनी पिटाई की थी कि वों गंभीर रूप से बीमार पड़ गए उन्हें बचने की उम्मीद नहीं थी तब जेल से रिहा किया गया लेकिन उन्होंने अपने साथियों के बारे में अंग्रेजों के सामने मुंह नहीं खोला किंजर के युवकों ने रामचंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में किंजर काजी हाउस पोस्ट ऑफिस में आग लगा दिया और खजाना लूट लिया फिर किंजर सरकारी अस्पताल पर से यूनियन जैक झंडा को उखाड़ कर जमीन पर फेंक दिया और भारतीय तिरंगा शान से लहरा दिया इसकी सूचना मिलते ही गया के तत्कालीन अंग्रेज जिला अधिकारी ने अरवल के पुलिस थाना के तत्कालीन थानेदार और अंग्रेजों के पिट्ठू दरोगा रामाधार सिंह को देखते ही सूट एंड साइड का आदेश दिया ये सारे नवयुवक इसी नगला के बंगले में भूमिगत होकर रहने लगे वहीं से गुप्त मंत्रणा कर अंग्रेजों के खिलाफ कार्रवाई करने लगे इसी कार्रवाई के तहत एक दिन सड़क मार्ग अवरुद्ध करने के लिए ये लोग मिर्जापुर ग्राम के पास आज जो एनएच 110 है उस पुल के पास बड़ा सा पेड़ गिराकर रास्ते को अवरुद्ध कर दिया था अंग्रेज अधिकारी और उनकी पुलिस बैरंग वापस अरवल लौट गए आज यह ऐतिहासिक नगला का बंगला जो अपने सीने में स्वर्णिम इतिहास को छुपाए रखा है उस स्थल को नमन करने की सैलूट करने की जिसके मालिक ने अपना दरिया दिली दिखलाते हुए अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन में भरपूर मदद की थी आज की नई पीढ़ी को बतलाने की जरूरत है साथ ही अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा फहराने का जो आयोजन जिला प्रशासन से होना है उसमें कम से कम एक समारोह नगला के इस बांग्ला पर भी होना चाहिए साथ ही इस इलाके के वास्तविक स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को भी जिला प्रशासन से सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि उनके बच्चे अपने को गौरवान्वित महसूस कर सके


