JNA/ संपादक अरुण कुमार वर्मा कि रिपोर्ट सीतामढ़ी जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय ने मनरेगा योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए कठोर कार्रवाई करने का दिया निर्देश ।परिवादी द्वारा दायर आवेदन पर जिला कल्याण अधिकारी द्वारा किए गए जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि ग्राम पंचायत मोहनी मंडल, वार्ड संख्या–04, विशुन सिंह टोला में स्वीकृत 6 बकरी शेड, 1 मवेशी शेड एवं तालाब खुदाई कार्य में व्यापक गड़बड़ियां की गई हैं।जांचोपरांत प्रतिवेदन में पाया गया कि एक लाभार्थी ने बकरी शेड का निर्माण किए बिना ही राशि की निकासी कर ली। शेष पाँच बकरी शेड मानक के अनुरूप नहीं बनाए गए और इनका निर्माण लाभुकों द्वारा न कराकर आपूर्तिकर्ता एवं बिचौलियों के माध्यम से कराया गया।तालाब खुदाई कार्य में भी घोर लापरवाही व अनियमितता सामने आई। जिला पदाधिकारी ने प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर निर्देशित किया है कि
1. अनिर्मित पशु शेड एवं तालाब खुदाई की संपूर्ण राशि संबंधित लाभार्थियों से वसूल की जाए।
2. संबंधित दोषी कर्मियों को चिन्हित कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
3. उप विकास आयुक्त को इस संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
गौरतलब है कि 25 अगस्त 2025 को आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में समीक्षा के क्रम में यह ज्ञात हुआ था कि मनरेगा योजनाओं से संबंधित कुल 61 परिवाद विभिन्न प्रखंडों से प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच लंबी अवधि बीत जाने के बावजूद अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी वरीय पदाधिकारियों को दिनांक 28 अगस्त 2025 तक अनिवार्य रूप से जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का सख्त निर्देश दिया है।


