जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद कुर्था विधानसभा अंतर्गत ग्राम बलौरा, बलौरा टोला, गुजस्ता बीघा, करपी बाजार सहित अनेक गांवों में कुर्था विधानसभा के पूर्व विधायक स्वर्गीय सत्यदेव सिंह कुशवाहा जी की धर्मपत्नी रिंकू कुशवाहा जी ने जनसंपर्क अभियान के तहत जनता मालिकों से रूबरू होकर उनका हालचाल लिया और विकास कार्यों की जानकारी साझा की, इसी क्रम में जदयू प्रदेश नेतृत्व के निर्देशन अनुसार “सुशासन का सार आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत ग्राम बलौरा में ग्रामीणों को सरकार की उपलब्धियां बताई गईं और उन्हें जागरूक किया गया। साथ ही “20 साल बेमिसाल” पुस्तिका का वितरण भी किया गया। कुर्था विधानसभा की पावन धरती आज भी भावुक होकर याद करती है अपने विकास पुरुष, स्वर्गीय सत्यदेव सिंह कुशवाहा जी को।
आज़ादी के बाद से इस क्षेत्र से अनेक विधायक चुनकर आए, लेकिन जनता के जीवन में बुनियादी परिवर्तन लाने का साहस और संकल्प केवल उन्होंने ही दिखाया। महज़ 10 वर्षों के अल्प कार्यकाल में उन्होंने वह कर दिखाया, जिसे बाकी दशकों में कोई न कर सका। जनता उन्हें स्नेहपूर्वक “पुलिया बाबा” कहकर पुकारती थी, क्योंकि जहाँ भी ज़रूरत पड़ी, उन्होंने पुल, सड़क और विकास कार्यों की सौगात दी। उनका सादा जीवन, मिलनसार स्वभाव और गरीब-गुरबा से आत्मीयता ही उनकी असली पहचान बनी। चाहे अमीर का घर हो या गरीब की झोपड़ी, सुख-दुख में सबसे पहले पहुँचने की परंपरा उन्होंने निभाई। लेकिन विकास पुरुष के इस दुनिया से विदा होने के बाद जनता की आंखें नम हो गईं। सबके मन में एक ही सवाल था – “अब कौन आगे बढ़ाएगा यह विकास यात्रा, इसी प्रश्न का उत्तर आज उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रिंकू कुशवाहा बनी हैं।
अपने पति के अधूरे संकल्पों को पूरा करने, जनता की समस्याओं का समाधान करने और कुर्था विधानसभा को प्रगति के मार्ग पर आगे ले जाने का बीड़ा रिंकू जी ने उठाया है। गांव-गांव, गली-गली में जाकर वे जनता मालिकों से रूबरू हो रही हैं।
बलौरा, बलौरा टोला, गुजस्ता बीघा, करपी बाजार सहित सैकड़ों गांवों में पहुंचकर उन्होंने लोगों का हालचाल लिया और सत्यदेव बाबू की यादों को ताज़ा किया।जनता का स्वर साफ है। सत्यदेव जी हमारे बीच भले नहीं रहे, लेकिन उनकी परंपरा, उनका सेवा भाव और विकास का सपना अब रिंकू जी आगे बढ़ा रही हैं। यही विश्वास आज कुर्था की जनता को मजबूत कर रहा है।
रिंकू कुशवाहा जी केवल एक उम्मीदवार नहीं, बल्कि वे सत्यदेव सिंह कुशवाहा जी की अधूरी संकल्पना और विकास की विरासत की सच्ची वारिस हैं।यह सिर्फ़ चुनाव की बात नहीं, यह है ।
कुर्था की पहचान और विकास पुरुष की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प, रिंकू कुशवाहा जी ने प्रण लिया है कि वे अंतिम सांस तक स्वर्गीय सत्यदेव सिंह कुशवाहा जी की परंपरा और सेवा भाव को निभाती रहेंगी।
कुर्था की पहचान – विकास पुरुष सत्यदेव सिंह कुशवाहा जी की परंपरा अब रिंकू कुशवाहा जी के साथ
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