गरीबी से निकलने के तीन ही रास्ते हैं – पढ़ाई, शिक्षा और पूंजी की उपलब्धता: प्रशांत किशोर
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो हरिषेखर यादव कि रिपोर्ट खगड़िया जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गोगरी प्रखंड में शनिवार को जनसंवाद किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि दुनिया में जितने भी विद्वान लोग हुए उन्होंने गरीबी से निकलने के 3 रास्ते बताए हैं। पहला रास्ता है पढ़ाई, अगर आपका बच्चा पढ़ लिख ले, नौकरी पा ले, तो उससे जिंदगी सुधर सकती है। दूसरा रास्ता है जमीन, अगर आपके पास 5-6 बीघा जमीन है, तो खेती करके भी आपका जीवन सुधर सकता है। तीसरा रास्ता है पूंजी, अगर आपके पास जमीन नहीं है, आप पढ़े-लिखे भी नहीं हैं, लेकिन आपके पास पैसा है या कोई पैसा दे दे, तो उससे आप छोटा-मोटा रोजी-रोजगार करके भी जीवन सुधार सकते हैं। आप अपने गांव-पंचायत में देखिएगा तो पाइएगा कि पूरे बिहार की तरह आपके गांव में भी ज्यादातर लोगों के पास इन तीनों में से तीनों ही चीजें नहीं हैं। यहां के बच्चों के पास पढ़ने की सुविधा ही नहीं है। आपका बच्चा सरकारी स्कूल में जाता है, वहां पढ़ता नहीं है, खिचड़ी खाता है व घर आ जाता है। कई बच्चे प्राइवेट स्कूल में जा रहे हैं, ट्यूशन जा रहे हैं।
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आप भले प्राइवेट स्कूल में पढ़ा लें, लेकिन उसे आगे चलकर सरकारी कॉलेज में ही जाना होगा। इसलिए वोट बच्चों की शिक्षा और रोजगार के नाम पर ही दें। प्रशांत किशोर ने कुल 9 किलोमीटर तक की पदयात्रा प्रशांत किशोर ने रविवार को कुल 9 किलोमीटर तक की पदयात्रा की। इस दौरान इन्होंने गोगरी प्रखंड में बारी मलिया मैदान से पदयात्रा शुरू कर मीडिल स्कूल गोरैया बथान, ईमली चौक जमालपुर, जनता मैदान छोटी मुस्कीपुर, सिसवा बरेता, नव युवक खेल मैदान पितौंझिया तक गए।