*संत देवराहा बाबा शिवनाथ दास जी महाराज के सान्निध्य में निकलेगी हनुमान जन्मोत्सव पर भव्य शोभा यात्रा,02 अप्रैल को*
*भगवान शिव के अंशावतार हनुमान रामदूत बनकर करते हैं दुःखों का नाश – बाबा शिवनाथ दास जी महाराज*
*पूर्वी चम्पारण से पधारे बबलू बाबा एवं विवेकानंद बाबा सहित सैकड़ों भक्तजन*
JNA/ Indu Prabha खगड़िया। ज़िला मुख्यालय में रामचंदा स्थित शुभ लगन रिसॉर्ट में संत देवराहा शिवनाथ दास जी महाराज के सान्निध्य में 02 अप्रैल को आयोजित हनुमान जन्मोत्सव समारोह की पूर्व संध्या पर बाबा शिवनाथ दास ने बिहार के विभिन्न जिले से पधारे भक्तजनों को संबोधित करते हुए कहा हनुमान की महिमा अपरंपार है, वे शक्ति, भक्ति, ज्ञान और संकटमोचन के प्रतीक हैं। भगवान शिव के अंशावतार हनुमानजी रामदूत बनकर कष्ट, भय और दुखों का नाश करते हैं। वे निडरता, विद्या, और अटूट सेवा के प्रतीक हैं, जिनकी उपासना से मानसिक बल और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। आगे बाबा ने कहा हनुमानजी को ‘संकट मोचन’ कहा जाता है, क्योंकि वे भक्तों के हर तरह के दुखों और बाधाओं को तुरंत दूर करते हैं। हनुमानजी भगवान राम के सबसे बड़े भक्त हैं और उनकी सेवा में सदैव तत्पर रहते हैं। उन्हें ज्ञान, शक्ति और बुद्धि का अपार भंडार माना जाता है। वे अत्यंत बलशाली हैं और दुष्ट जनों का संहार करने वाले माने जाते हैं। हनुमानजी जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता हैं, और सच्चे मन से की गई पूजा से वे भक्त की रक्षा करते हैं।
माता सीता की खोज में उन्होंने विशाल समुद्र लांघकर अटूट भक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया।अपनी पूंछ से लंका जलाकर राक्षसों के अहंकार को तोड़ा। लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए द्रोणागिरी पर्वत उठा लाए।हनुमान जी ने अपनी शक्ति से भीम के अभिमान को नष्ट किया था।
02 अप्रैल की सुबह भव्य शोभा यात्रा रामचंदा के मनोकामना शिव मंदिर से शुरू होगी जो विद्याधार, बबुआगंज, एसडीओ रोड, स्टेशन रोड, मील रोड, मेन रोड, थाना रोड, डॉ राजेन्द्र प्रसाद चौक होते हुए शुभ लग्न रिसॉर्ट, रामचंदा में समाप्त होगा। हनुमान चालीसा पाठ, भजन कीर्तन, भंडारा तथा बाबा शिवनाथ दास जी महाराज का प्रवचन होगा। बाबा के आगमन पर भक्तजनों ने जोरदार स्वागत किया। पूर्वी चम्पारण से पधारे बजरंगी दास उर्फ़ बबलू बाबा तथा बाबा विवेकानंद के अलावा मौजूद भक्तजनों में प्रमुख हैं मुकेश गुप्ता, ध्रुव कुमार, प्रहलाद कुमार, ललित सिंह, डॉ अरविन्द वर्मा, त्रिभुवन केडिया, मोहन चौधरी, चंद्रकांत सिंह, दुर्गेश चौधरी, दिवेश ठाकुर, अश्विनी झा, खुशबू, मुन्ना कुमार, दिनेश गुप्ता तथा मोहन राय आदि।


