जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. जयन्त जिज्ञासु प्रवक्ता बनने के बाद पहली बार खगड़िया आगमन हुआ। राजद जिलाध्यक्ष मनोहर कुमार यादव, प्रधान महासचिव नंदलाल मंडल, बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार, राजद प्रदेश सचिव पप्पू डोम,युवा राजद जिलाध्यक्ष उदय कुमार, आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार उर्फ राजा चौधरी , ज़िला प्रवक्ता अजीत सरकार,जिला मीडिया प्रभारी रणवीर कुमार, छात्र नेता रौशन राणा, छात्र नेता राजा कुमार,समेत बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया।जिला अतिथि गृह खगड़िया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के साथी को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के संकल्प के मुताबिक घोषणापत्र में किये गये एक-एक वायदे को मुख्यमंत्री नीतीश जी के नेतृत्व में पूरा कर रही है। तेजस्वी जी आगामी 40 वर्षों तक देश की राजनीति को निर्णायक तरीके से प्रभावित करने जा रहे हैं। दुनिया के किसी देश के किसी सूबे में पहली बार साल भर के अंदर चार लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए ढाई लाख शिक्षकों की बहाली की गई है। विशिष्ट शिक्षक नियमावली के तहत 4 लाख 40 हज़ार शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देकर सरकार ने अपना दृष्टिकोण स्पष्ट कर दिया। सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का आकर्षण लौटे, और यहां से पढ़ कर वे राष्ट्रनिर्माण में योगदान दे सकें, इसकी कोशिश सरकार कर रही है। राबड़ी जी ने जहां हर कमिश्नरी में पिछड़े-अतिपिछड़े तबके की लड़कियों के लिए आवासीय विद्यालय खोला, वहीं महागठबंधन सरकार ने इस बार बजट बढ़ाते हुए सभी ज़िले में इसे खोलने का निर्णय लिया है।तेजस्वी जी स्वास्थ्य, शिक्षा, किसानी, उद्योग, पूँजी निवेश, आधारभूत संरचना, खेल-कूद, कानून-व्यवस्था, सड़क, अस्पताल, आदि को अपनी प्राथमिकता के केंद्र में रखते हैं। खिलाड़ियों को मेडल लाने पर नौकरी दी जा रही है। नई पर्यटन नीति के तहत बिहार के विभिन्न पर्यटन स्थलों की ओर दुनिया की निगाह जाए, इसमें तेजस्वी जी लगे हैं। बंद पड़े शुगर मिल को चालू कराया गया है। 8 हज़ार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि का फैसला हमारी सरकार ने किया है। इससे 2 लाख से अधिक वार्ड सदस्यों, पंचों, समिति सदस्यों, मुखिया व ज़िला परिषद सदस्यों को लाभ होगा।बिहार की महागठबंधन सरकार ने पहली बार प्रदेश में 𝐁𝐢𝐡𝐚𝐫 𝐈𝐓 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐲 𝟐𝟎𝟐𝟒 को स्वीकृति दी है। नई 𝐈𝐓 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐲 के अंतर्गत 𝐈𝐓 क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों, निवेशकों व रोजगार प्रदाताओं को न्यूनतम 𝟓 से 𝟑𝟎 करोड़ रुपये निवेश करने पर 𝟑𝟎% का पूँजी निवेश सब्सिडी हमारी सरकार देगी। बिहार में कंपनी खोलने पर 𝟓𝟎% लीज़ रेंटल सब्सिडी अर्थात् किराए का भुगतान एवं 𝟐𝟓% कंपनी के बिजली का खर्च भी सरकार देगी। नियोक्ता कम्पनियों के कर्मियों के 𝐄𝐒𝐈/𝐄𝐏𝐅 खाते में प्रति कर्मी, प्रति माह, 5 वर्षों तक अधिकतम ₹𝟓𝟎𝟎𝟎/ राशि की रोजगार सृजन सब्सिडी सरकार देगी। 𝟏𝟎𝟎 करोड़ से अधिक के निवेश या न्यूनतम 𝟏𝟎𝟎𝟎 प्रत्यक्ष रोज़गार उत्पन्न करने पर 𝐓𝐚𝐢𝐥𝐨𝐫 𝐌𝐚𝐝𝐞 𝐏𝐚𝐜𝐤𝐚𝐠𝐞 का प्रावधान किया गया है।मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन की सीख है:
रघुकुल रीत सदा चली आई
प्राण जाए पर वचन न जाई।
वचन तो प्रधानमंत्री ने दो करोड़ लोगों को हर साल रोज़गार का दिया था। पर देश में बेरोज़गारी दर आज सबसे अधिक है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों को हम उनकी फसल का उचित दाम व मेहनताना नहीं देंगे तो धीरे-धीरे वे किसानी से दूर होते जाएंगे, और खाद्यान्न का संकट उत्पन्न होगा। हमें अमरीका की तरफ टकटकी लगाकर देखना पड़ेगा, और वह हम पर शर्तें थोपेगा, हथियार खरीदने का दबाव बढ़ाएगा।अगर मर्यादा का पालन न करें, गरिमा को तार-तार करें, तो फिर ऐसे लोगों के आचरण से राम की प्रतिष्ठा को ठेस लगेगी! हमने कभी धर्म को अपने ढोंग और ढकोसले के प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनाया! धर्म की आड़ में तमाम ज़रूरी मसाइल से मुंह मोड़ लेना न सिर्फ़ बुजदिली है, बल्कि देश और मानवता के साथ भी अन्याय!हम कभी राम और हनुमान का नाम लेते हुए उत्तेजित और क्रोधित नहीं हुए। ये कौन पाखंडी लोग हैं जो चित्तशुद्धि के बजाय धर्म को बाज़ार में ले आए हैं! इन्हें सद्बुद्धि मिले!हम इस देश को धर्मांध नहीं बनाना चाहते। हम चाहते हैं कि जीवन में धर्म का दखल उतना ही हो जितनी दाल में नमक की मात्रा! जो भी मुल्क सामाजिक सद्भाव व समृद्धि हेतु परिश्रम के पथ से फिसला, उसका बुरा हश्र हुआ।लेकिन, कुछ लोग समझते हैं कि नैतिकता व धार्मिकता को मापने का थर्मामीटर उन्हीं के पास है! क्या वे यह चाहते हैं कि देश के सारे मेडिकल कॉलेजों पर ताला जड़ कर वहां मंदिर-मस्जिद बना दिया जाए? कृपया, देश की संसद को ठाकुरबाड़ी न बनाया जाए!हमारे नेता लालू जी सर्वधर्म समभाव को जीते हैं, तेजस्वी जी सामाजिक सद्भाव, भाईचारा व मेल-मोहब्बत की रिवायत को बरतते हैं। हम आखिरी घड़ी तक कहेंगे कि हम इस देश से भी मोहब्बत करते हैं और राम-रहीम-बुद्ध-महावीर-वाहेगुरु-ईशु का भी सम्मान करते हैं, मगर चीख-चीख कर प्रेम का दिखावा करना जाहिलों का काम है, हमारा नहीं! हम अपने तरीके से प्रेम करते हैं, भक्त और भगवान के बीच में बिचौलिए की ज़रूरत इस देश में कभी नहीं रही।लालू जी इस देश के संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल्य में विश्वास रखते हैं। इस देश में हर नागरिक को उसका धर्म व उपासना पद्धति को चुनने का अधिकार है। पर, दुर्भाग्य से इस देश में राजनीति व धर्म का बड़ा ही फ़ूहड़ घालमेल चल रहा है।लालू जी कर्त्तव्यपरायण व धर्मपरायण व्यक्ति हैं। वे ढोंगी नहीं हैं। वे धर्मनिरपेक्षता के लिए, क़ौमी एकता के लिए जीवन भर जतन करते रहे हैं। लोग आपसी मेल-मोहब्बत से रहें, इसकी कोशिश की है। ढोंग और ढकोसले की आड़ में समस्याओं से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता।देश चलाने वाले को समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री की अलग क़िस्म की ज़िम्मेदारी है, धर्मगुरु की अलग क़िस्म की! प्रधानमंत्री और धर्मगुरु में कुछ तो फ़र्क होना चाहिए। प्रधानमंत्री आचार्य रजनीश की तरह प्रवचन करते रहते हैं। इससे मनोरंजन तो होता है, देश का भला नहीं होता। तो, देश चलाने वाले को अपनी आईनी और अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी भी निभानी चाहिए!लोगों के बीच उन्माद पैदा करने वाले लोग, आपस में लड़ाने वाले लोग, राम के शालीन व मर्यादित स्वरूप को भूल कर उनके किंचित क्रोधित रूप को बेहद पसंद करने वाले लोग, गणेश जी को दूध पिलाने वाले लोग समाज की बड़ी क्षति करते हैं। भगवान और भक्त के बीच किसी बिचौलिए की ज़रूरत तो इस देश की रिवायत नहीं! हममें, तुममें, खड्ग, खंभ में, सबमें व्यापत राम!देश की संपत्ति उद्योगपतियों को बेचे जाने से रामराज की स्थापना नहीं हो सकती। जिस रामराज की बात गांधी करते थे, उसमें लोग “दैहिक, दैविक, भौतिक ताप” से मुक्त रहें, इसके जतन की उम्मीद राज चलाने वालों से की गई थी। इस मानक पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सोलह आने खरे उतरते हैं, और प्रधानमंत्री पूरी तरह विफल। समाज के आखिरी व्यक्ति तक राष्ट्रीय जनता दल पहुंच रहा है। यह लालू जी की सर्वसमावेशी पार्टी है जहां तेजस्वी जी ए से लेकर ज़ेड तक को जोड़ने में जुटे हैं। हमारी यही कोशिश है कि ए का कुछ जाएगा नहीं, ज़ेड के पास कुछ आएगा।जाति आधारित गणना करा कर बिहार ने एक मिसाल पेश की है। यह किसी के भी ख़िलाफ़ नहीं है। बल्कि, सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक स्थिति का पता चलने पर सबकी आवश्यकता के अनुसार हमने नीति बनाने की दिशा में क़दम बढ़ाया है और भूमिहीनों व आवासविहीन परिवार को मकान बनाने के लिए राशि बढ़ाई है।समाज में हर धर्म को मानने वाले लोग आपस में सौहार्द के साथ रहें, यही हम चाहते हैं। इंसाफ़ और इंसानियत ही हमारा धर्म है, यही हर धर्म का मर्म है।पुनीत शर्मा से माज़रत के साथ,ये मेरे राम हैं ,इनसे मैं चुपचाप मोहब्बत करता हूँ,अपनों की जहालत से इनकी हर रोज़ हिफ़ाज़त करता हूं।तुम पहले जाहिल नहीं हो,जो कहते हो चीख़ के प्यार करो।अपने गठबंधन, अपनी सरकार, अपनी पार्टी व अपने नेता के एजेंडे, कार्यक्रम, उपलब्धि व संकल्प को जनता के बीच ले जाना है, दोहराना है! इंडिया का हर घटक दल इसी में लगा हुआ है। आज बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल जैसे राज्यों में हमारी सरकार है। जनबल की ताक़त से हम 2024 में केंद्र सरकार को हटा कर जनता की हितैषी सरकार को लाने जा रहे हैं।


