*सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश पर भी डीएम ने नहीं भेजा जांच रिपोर्ट*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया: अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय रहीमपुर की जमीन और गोशाला मेला की बंदोबस्ती में हुए व्यापक घोटाले के मामले में समाजसेवी अभय कुमार गुड्डू ने प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थित पत्रकार को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी पर जांच को लंबित रखने और एसडीओ के भ्रष्टाचार पर पर्दा डालकर उन्हें कार्रवाई से बचाने का आरोप लगाया। प्रेस को संबोधित करते हुए गुड्डू ने कहा कि जिस प्रकार जिलाधिकारी को आवेदन देने के बाद भी सदर एसडीओ ने खुलेआम डंके की चोट पर संस्कृत काॅलेज की जमीन और गोशाला मेला की बंदोबस्ती में व्यापक घोटाले को अंजाम दिया, इससे बिहार की सुशासन की सरकार कलंकित हुआ है। एसडीओ द्वारा किये गए उक्त घोटाले के खिलाफ सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव को शिकायत किया गया। जिसके बाद सरकार के अवर सचिव शिव महादेव प्रसाद ने बीते 05 मार्च को हीं जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सदर एसडीओ अमित अनुराग के विरुद्ध लगाए गए गोशाला मेला और अवध बिहारी संस्कृत महाविद्यालय के जमीन बंदोबस्ती में व्यापक घोटाला के आरोपों की जांच कर विभाग को शीघ्र प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया था। लेकिन लगभग छह महीने बीतने के बाद भी उक्त मामले में जिलाधिकारी द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग पटना को जांच प्रतिवेदन नहीं भेजा गया। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि शुरु से हीं जिलाधिकारी एसडीओ के भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। जिसके वजह से सदर एसडीओ खुलेआम एक से बढ़कर एक भ्रष्टाचार को अंजाम देते रहते हैं। श्री गुड्डू ने कहा कि गोशाला मेला के बंदोबस्ती में सदर एसडीओ द्वारा किये गए धांधली की जांच जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता से करवाया। नवंबर 2023 में हीं अपर समाहर्ता ने जांच रिपोर्ट में पिछले वर्ष से 13 लाख रुपए कम में गोशाला मेला की बंदोबस्ती करने की बात रिपोर्ट में सामने लाया। इस रिपोर्ट के आलोक में भी जिलाधिकारी द्वारा एसडीओ के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किया जाना भ्रष्ट अधिकारी को मदद पहुंचाना प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि जब सामान्य प्रशासन विभाग पटना के निर्देश का पालन जिलाधिकारी द्वारा नहीं किया जाता है तो आम आदमी के गुहार पर जिलाधिकारी कैसे न्याय करेंगे। श्री गुड्डू ने कहा कि संस्कृत महाविद्यालय के जमीन में जबरन मिट्टी काटने के मामले में भी 16 जूलाई को जिलाधिकारी द्वारा मानसी थानाध्यक्ष का वेतन अवरुद्ध करने का आदेश जारी किया गया था, परंतु आज तक थानाध्यक्ष के वेतन बंद करने हेतु प्रक्रिया नहीं अपनाया गया। यह भ्रष्ट अधिकारी को संरक्षण देना नहीं है तो और क्या है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के इस कारनामे की शिकायत बिहार सरकार के मुख्य सचिव और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव से भी किया जा चुका है। भ्रष्ट अधिकारी को किसी भी हालत में खुली छूट नहीं मिल सकता है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा ऐसे-ऐसे अन्य कई मामले को भी लंबित रखकर भ्रष्ट अधिकारी को बचाया जा रहा है। जिसे समय पर उजागर किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी कुछ लोगों को यह कहकर दिग्भ्रमित करते हैं कि यह मामले मेरे क्षेत्राधिकार से बाहर की है। वे इस मामले में कुछ भी नहीं करेंगे तो फिर जिलाधिकारी छह महीने से मामला को लंबित क्यों रखे हुए हैं। प्रेस वार्ता में युवा शक्ति के प्रदेश उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार यादव, युवा शक्ति के कार्यकारी जिलाध्यक्ष मिथुन कुमार शर्मा, युवा शक्ति मानसी के अध्यक्ष धर्मेंद्र पोद्दार, युवा शक्ति के नेता मनीष सम्राट भी उपस्थित थे।


