जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद की बेटी ने वह कर दिखाया, जो लाखों छात्रों का सपना होता है। *मानस इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल, कोर्ट एरिया, जहानाबाद की होनहार छात्रा पलक सिन्हा (रोल नंबर: ITSE1650296) ने इंटरनेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन (ITSE) में गणित विषय में पूरे भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल अपने विद्यालय का, बल्कि पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन कर दिया।* *पलक ने 180 में से 180 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया। यह परीक्षा विश्वस्तरीय मानी जाती है जिसमें भारत के अलावा अन्य देशों के छात्र भी भाग लेते हैं।* इस कठिन प्रतिस्पर्धा में पलक की यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह देशभर के छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है। पलक की इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर उसे गोल्ड मेडल, ₹50,000 का चेक, एक लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। इस गौरवपूर्ण क्षण पर विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, अभिभावक और विद्यालय प्रबंधन सभी ने इस ऐतिहासिक सफलता का अभिनंदन किया और पलक को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने पलक की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पलक आज पूरे देश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण और सही मार्गदर्शन मिलता है, तो वे किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक छात्रा की जीत नहीं, बल्कि यह मानस परिवार की प्रतिबद्धता, मेहनत और मूल्यपरक शिक्षा व्यवस्था की जीत है। विद्यालय के निदेशक निशांत रंजन ने भी पलक को बधाई देते हुए कहा कि मानस इंटरनेशनल स्कूल केवल शिक्षा नहीं देता, वह जीवन निर्माण करता है। यह सफलता उस सोच का प्रमाण है जो हम हर छात्र के भीतर आत्मविश्वास और जिम्मेदारी जगाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। पलक सिन्हा एक मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। उनके दादा जी एक सरकारी विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हैं। उन्होंने अपने पोती के भविष्य के लिए मानस इंटरनेशनल स्कूल पर भरोसा जताया और आज वह भरोसा इतिहास बन गया है। यह सफलता न केवल पलक की मेहनत का नतीजा है, बल्कि यह विश्वास का प्रतिफल है जिसे उनके परिवार और स्कूल ने वर्षों से संजो कर रखा था।इस अवसर पर संपूर्ण मानस परिवार गर्व से अभिभूत है। जहानाबाद जैसे छोटे शहर में स्थित यह विद्यालय यह साबित कर रहा है कि श्रेष्ठता केवल महानगरों मे ही सम्भव नहीं है। अगर समर्पण, गुणवत्ता और दृष्टि हो, तो शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी कोने से उजाला फैलाया जा सकता है। पलक की यह सफलता इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। जब लगन सच्ची हो और मंच सशक्त, तो एक छात्रा भी पूरी दुनिया को बता सकती है कि जहानाबाद की धरती भी चमत्कार रच सकती है।


