इस महाशिवरात्रि पर परमेश्वर के प्रेम सन्देश को पहुंचानेवाले “महायोगी” आ रहे हैं सिनेमाघरों में
ज़रा ठहरकर सोचिये,जिस इंसानी प्रजाति को ईश्वर ने अपना सारा प्रेम उड़ेलकर बनाया,जिनमें वह अपनी ही प्रेम की प्रतिच्छवि ढूंढते हैं,क्या उन्हें धर्म के नाम पर, देश के नाम पर, राजनीती के नाम पर इस क़दर आपस में लड़ते-भिड़ते देखकर, ईश्वर को आनंद मिलता होगा? नहीं मित्रों, परमेश्वर की आँखों में आज आंसूं है।
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