*दविश में भरतखंड पुलिस जांच में जुटी* जगदूत न्यूज भागलपुर नवगछिया बिहार से संपादक अरुण कुमार वर्मा कि रिपोर्ट भागलपुर नवगछिया झंडापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत झंडापुर निवासी पूजा देवी पति बबलू राय ने भरतखंड थाना में आवेंदन देकर विवाहिता को उचित न्याय की गुहार प्रशासन से लगाई है। थाना मे दिए आवेंदन में लिखा है कि मेरी ननद अनिता देवी की शादी भवानीपुर थाना क्षेत्र के नवटोलिया गांव वार्ड संख्या 13 निवासी स्व उमेश चौधरी के तृतीय सुपुत्र रामनिवास चौधरी उर्फ निवास से वर्ष 2004 ई में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार संपन्न हुई थी।
वही वर्ष 2006 में अनिता ने एक पुत्र गोलू कुमार और वर्ष 2008 में पुत्री लक्ष्मी कुमारी को जन्म दिया। शादी के कुछ साल बाद निवास के छोटे भाई रितेश चौधरी पिता स्व उमेश चौधरी ने निवास को अपने साथ राजस्थान के जयपुर कमाने के लिए लेकर चला गया। करीब तीन वर्ष तक निवास जयपुर में दिनरात मजदूरी कर कुछ रूपीए जमा कर घर लौटने के लिए सोच ही रहा था तभी इस बीच रितेश चौधरी ने निवास के कमाई का सारा रुपिया लेकर चुपके से वहां से भागकर खगरिया जिला के मड़ैया थाना क्षेत्र के खुर्द डुमरिया स्थित अपना ससुराल भाग गया और वही बस गया। कमाई का पैसा लेकर भाई को गायब होने की बात जब निवास को पता चला तो उसका होस उड़ गया। मानसिक एवं दिमागी रुप से विक्षिप्त हो गया जिसके बाद वह जहां तहां विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर भटकने लगा। इधर पैसे के अभाव में निवास और उसका परिवार पेट भरने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गया। स्वयं एवं दोनो बच्चे का पेट भरने के लिए पत्नी अनीता देवी नवटोलिया गांव में दूसरे के यहां चौका-बर्तन कर किसी तरह पेट भरने लगी लेकिन उचित खानपान एवं इलाज के अभाव में पुत्री लक्ष्मी की दो वर्ष की अवस्था मे बीमारी के कारण मृत्यु हो गया। उधर दिमागी रूप से विक्षिप्त निवास किसी तरह भटकते हुए जयपुर से खाली हाथ नवटोलिया अपना घर पहुंचा। जहां विक्षिप्त होने के कारण अपनी पत्नी व पुत्र को पहचानने तक से इंकार कर दिया। गौरतलब हो कि निवास के विक्षिप्तपन का फायदा उठाते हुए उसके सगी बहन खगरिया जिला के भरतखंड थाना क्षेत्र के खजरैठा निवासी नीता देवी पति विपिन चौधरी और विपिन चौधरी पिता स्व सुरेश चौधरी ने निवास और उसके पुत्र गोलू को बहला फुसलाकर अपने साथ खजरैठा अपना घर लेकर चला गया, जहां दर्जनों मवेशियों की देखभाल व खेतीबारी करने के काम में लगा दिया। वही अनिता का पुत्र गोलू टोटो चलाता है। इधर अनीता ससुराल में अकेली न ही रहने का घर न खाने के लिए दो वक्त की रोटी उसे नसीब हो रहा था। मजबूरन अनिता गांव के अलावे पड़ोस के गांव में जाकर दूसरे के यहां बर्तन मांजकर पेट भरने लगी। उधर निवास दोनो पिता-पुत्र एक मजदूर की भांति बहन के यहां मजदूरी करने लगा। इस सत्यता का पता खजरैठा के ग्रामीणों से किया जा सकता है। तब से आजतक करीब बारह वर्षों से निवास और गोलू बहनोई के यहां मजदूरी कर रहा है। ज्ञात हो कि निवास चौधरी की पुस्तैनी जमीन भी है। इस मामले की गहनता से जांच के बाद पता चलेगा कि निवास के हिस्से की जमीन किसके कब्जे में है और उसका फसल कौन लेता है। वादिनी ने आवेदन पर कांड दर्ज कर अनिता को उसके हक व उचित न्याय दिलाने एवं बहन-बहनोई के घर बारह वर्षों का पारिश्रमिक दिलाने की अपील किया है, क्योकि पति व पुत्र के दूर हो जाने से अनिता बेघर हो गई है। उसके जीवन यापन एवं बुढापे का कोई सहारा नही रहा। अनिता का जीवन नरक बना हुआ है। उसे देखने वाला कोई नही है। अनिता का बीस वर्षीय पुत्र गोलू टोटो चलाता है। इस संबंध में भरतखंड थानाध्यक्ष
करीब बारह वर्षों से ननदोशी और भांजा से मजदूरी कराकर पारिश्रमिक नही देने एवं विवाहिता (ननद) को बेघर करने को लेकर थाना में दिया , आवेदन
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