जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश और बिहार को 2047 तक विकसित बनाने के लिए संकल्पित हैं। आगामी बिहार विधान सभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी। सीता मईया की धरती पर सनातन को गाली देने वालों को बुलाकर बिहार का अपमान कर रहे हैं राहुल और तेजस्वी।
मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे ने कहा था कि सनातन को डेंगू ओर कोरोना बताया था। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बिहारियों का अपमान किया था।
राहुल और तेजस्वी ऐसे लोगों को बिहार में घुमाकर बिहारी अस्मिता को गाली दे रहे हैं।
ये वोट अधिकार अधिकार यात्रा नहीं है बल्कि सनातन अपमान यात्रा, बिहारी अपमान यात्रा है।
बिहार में वोट अधिकार यात्रा के आर में परिवार और घुसपैठियों को अधिकार दिलाने के लिए यात्रा चल रही है। जब जनता ने राहुलजी और तेजस्वी जी को नेता प्रतिपक्ष के पद पर स्थाई रूप से नियुक्त कर दिया है तो इसमें चुनाव आयोग का क्या दोष है?
पप्पू मंडली से जनता पूछ रही है
क्या मृतकों के नाम वोटर लिस्ट नहीं हटने चाहिए?
जिनका नाम कई जगहों पर है क्या उनका नाम सिर्फ एक हीं जगह नहीं होना चाहिए?
जो बिहार छोड़ कर दूसरे राज्यों के वोटर हो गए हैं क्या उनका नाम बिहार के वोटर लिस्ट में भी रहना चाहिए?
क्या घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट में होनी चाहिए?
लेकिन ये लोग जवाब नहीं दे रहे है बल्कि थेथर लॉजी कर रहे हैं। सभी राजनीतिक पार्टियों के जिला अध्यक्षों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट दे दिया है।
चुनाव आयोग रोज बुलेटिन निकाल रहा है कि किन किन राजनीतिक पार्टियों के बीएलए ने ड्राफ्ट रोल में कितनी आपत्ति दर्ज कराई। सिर्फ माले ने केवल 10 शिकायत दर्ज करवाई है। बाकी किसी पार्टी ने कोई भी आपत्ति दर्ज नहीं कराया है। इसका मतलब है कि कोई गड़बड़ी नहीं है। वस्तुतः राहुल और तेजस्वी बिहार में अपने संभावित हार को देखते हुए चुनाव से पहले चुनाव आयोग को बलि का बकरा बनाना चाहते हैं।
यही बिहार कभी बूथ कैप्चरिंग और रक्त रंजित चुनाव के लिए बदनाम था। आज तो पंचायत से लेकर विधान सभा और लोकसभा का चुनाव ईवीएम से हो रहा है। सोशल मीडिया के जमाने में कहीं कोई गड़बड़ी छिपती क्या?
इनलोगों का पुराना धंधा है , जीत गए तो बब्बर शेर और हार गए तो ईवीएम हैक और वोट चोरी।
राहुल गांधी अराजक राजनीति के प्रतीक बन गए हैं। नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर बैठकर संवैधानिक संस्थाओं और भारतीय लोकतंत्र पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। जिसको अपने देश के मतदाता पर भरोसा ना हो, संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा ना हो जिसे देश के गौरवशाली लोकतंत्र पर भरोसा ना हो, ऐसे व्यक्ति को आप क्या कहेंगें। क्या विदेशी ताकतों के गोद में बैठी है पप्पू मंडली?ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश के सभी पक्ष और विपक्ष के नेता ने विश्व में जाकर एक मत से भारत का पक्ष रखा। यही भारतीय लोकतंत्र की ताकत है।
लेकिन राहुल गांधी कभी भी देश के अंदर या देश के बाहर भारत के उपलब्धियों के साथ खड़ा नहीं होते हैं। ट्रंप ने भारत के इकोनॉमी डेड इकोनॉमी कहा तो राहुल गांधी ने भी डेड इकोनॉमी कह दिया। जबकि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है।
मैं तो लालू यादव जी के साथ रहा हूं। उन्होंने कभी भी कांग्रेस के चरणों में अपना पगड़ी नहीं रखी। परन्तु उनका बेटा तो राहुल गांधी का ड्राइवर बना घूम रहा है। राहुल गांधी को माथा पर बैठा कर देवी जी की जय जय कर रहा है। मैं तो लालू जी के समर्थकों से अनुरोध करना चाहता हूं जिस तरह से सोना के चम्मच लेकर पैदा हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस का जो हाल किया है वहीं हाल राजद का होगा। इसलिए टाइटेनिक डूबने वाला है जो समझदार और दूरदर्शी है वो एनडीए के तरफ आ जाएं। यहां विकास भी मिलेगा और सम्मान भी मिलेगा। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष धीरज कुमार, मीडिया विभाग के प्रदेश संयोजक रणधीर यादव, पूर्व जिला अध्यक्ष अजय देव , पूनम सिंह, जिला महामंत्री अमरेंद्र कुमार, अनिल ठाकुर, शुभम राज, उपाध्यक्ष कृष्णकांत कुमार, नागेंद्र मेहता, अजित यादव, गौरव कुमार, मुकेश कुमार, रविशंकर चौहान, विनोद पाठक, जवाहरलाल गुप्ता सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रेस कॉफ्रेंस कर कहा
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