जगदूत न्यूज (अनिल कुमार गुप्ता )ब्यूरो प्रमुख .जहानाबाद
मणिपुर में हो रही हिंसा को साल 1966 में मिजोरम हुए घटनाक्रम से जोड़कर प्रधानमंत्री मोदी का दिया गया बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और देश को दिग्भ्रमित करने वाला है। उक्त बातें जाने माने शिक्षाविद् एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस पार्टी के पॉलिटिकल अफेयर कमिटी के सदस्य डॉक्टर चंद्रिका प्रसाद यादव ने कही। उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है।
गौरतलब है कि साल 1966 में लाल डेंगा के नेतृत्व में पाकिस्तान और चीन की शह पर मिजो नेशनल फ्रंट ने मिजोरम के रूप में एक अलग देश की मांग की थी। इस दौरान विद्रोहियों ने मिजोरम की राजधानी आइजॉल समेत कई प्रतिष्ठानों पर कब्जा भी कर लिया था। देश की संप्रभुता के साथ कोई समझौता न हो सके लिहाजा, तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मति इंदिरा गांधी ने सैन्य कार्रवाई करते हुए मिजोरम को देश के साथ मजबूती से जोड़े रखा। श्री यादव ने कहा कि मजे की बात तो यह है कि जिस मिजो नेशनल फ्रंट का उन दिनों का यह कारनामा था। आज वो पार्टी एनडीए गठबंधन की मजबूत सहयोगी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी जान लें कि मिजोरम तब असम का पार्ट था, जिसे साल 1972 में केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया , और फिर साल 1987 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी द्वारा मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
ऐसे में मणिपुर की घटना को मिजोरम के साथ जोड़कर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया बयान देश को दिग्भ्रमित करने वाला और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।


