*तुर्की में फुटबॉल प्रतियोगिता में चयनित होने पर डीएफए ने राहुल के माता-पिता को किया सम्मानित*
जगदूत न्यूज खगड़िया बिहार ब्यूरो चीफ प्रभु जी खगड़िया: प्रतिभा किसी बात का मोहताज नहीं होता है। अपने मेहनत के बल पर फुटबॉल खेलकर जिले के सदर प्रखंड स्थित लाभगांव के लाल राहुल कुमार ने जिस प्रकार चेन्नई में फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने के बाद तुर्की देश में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में अपना जगह सुनिश्चित कराने में सफलता हासिल किया है, इससे जिले के अन्य फुटबॉल खिलाड़ियों का भी हौसला बुलंद होगा। जिले में अभ्यासरत फुटबॉल खिलाड़ी राहुल के इस सफलता से प्रेरित होकर और अधिक मेहनत करेंगे। उक्त बातें जिला फुटबॉल एसोसिएशन के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अभय कुमार गुड्डू ने लाभगांव में राहुल के माता-पिता को अंग वस्त्र ओढ़ाकर माला पहनाकर सम्मानित करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा हिंद क्लब लाभगांव के खिलाड़ी राहुल एक गरीब परिवार में जन्म लेकर भी अपने मेहनत लगन और खेल में अनुशासन का पालन करके पहले मधुबनी एकलव्य सेंटर में भर्ती होने में सफलता पाया। फिर अंडर-17 में फुटबॉल प्रतियोगिता में चयनित होकर राहुल को टीम का कप्तान रहने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। इनके कप्तानी में टीम सुब्रतो कप 2024 में चैम्पियन बना। इसके बाद राहुल का सलेक्शन मद्रास एफसी फुटबॉल टीम में हुआ। वहां से प्रतियोगिता में खेलने के बाद 2 सितंबर को राहुल तुर्की में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर उपस्थित समाजसेवी अमरेश कुमार सिंह, युवा शक्ति के जिला उपाध्यक्ष मनीष कुमार, कोषाध्यक्ष नीरज कुमार यादव और युवा शक्ति मानसी के प्रखंड अध्यक्ष धर्मेंद्र पोद्दार ने कहा कि राहुल ने जो ऐतिहासिक सफलता हासिल किया उसमें उनके टीम के कोच के साथ-साथ उनके माता-पिता का बड़ा योगदान रहा है। गांव गांव के बच्चों में प्रतिभा कूट-कूटकर भरा हुआ है। यदि अभिभावक अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास के बारे में विचार करेंगे तो समझ पाएंगे कि खेल के बिना बच्चों का सर्वांगीण विकास असंभव है। राहुल की सफलता से जिला सहित बिहार का नाम भी गौरवान्वित हुआ है। वहीं हिंद क्लब लाभगांव के कोच विनय कुमार ने बताया कि राहुल आरंभ काल से हीं काफी मेहनती और उर्जावान खिलाड़ी था। खेल के दौरान राहुल से कोई भी गलती हो जाता था तो वह तुरंत माफी मांग लेता था। खेल में वह अनुशासन का बखूबी पालन किया है। उसी के परिणामस्वरूप आज राहुल बिहार, मद्रास और विदेश पहुंचकर डंका बजाएगा। इस अवसर पर सम्मान पाकर राहुल के माता-पिता काफी भावुक हो गए। अपने बेटे की सफलता पर राहुल के माता-पिता भी काफी खुश हैं। वह अपने बेटे के इतनी बड़ी कामयाबी के लिए टीम के कोच और गांव के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद को काफी महत्वपूर्ण बताया।


