जगदूत न्यूज अनिल कुमार गुप्ता ब्यूरो प्रमुख जहानाबाद
किंजर (अरवल) किंजर बाजार स्थित एसबीआई का एटीएम के पास एटीएम बदलकर फ्रॉड करने वाले गिरोह की सक्रियता है। आठ दस दिनों पूर्व गिन्नी देवी पति राजकुमार उपाध्याय ग्राम महतपुर निवासी एसबीआई केंद्र शाखा से गोल्ड लोन ली थी। लोन का पैसा खाता में जमा हुआ था, महिला इमामगंज बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक एटीएम से दिनांक 19 जुलाई को 10:30 बजे पैसा निकालने गईं थी, तभी अनजान युवक मदद करने के नाम पर उक्त महिला का एटीएम बदल कर किंजर एस बी आई एटीएम से 12:45 बजे 4 बार में 40000 की निकासी कर ली। पीड़ित महिला को स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज नही की जा रही थी, किंजर थाना का कहना था कि एटीएम को इमामगंज में बदला गया है, प्राथमिकी वही दर्ज होगी, इधर इमामगंज थाना का कहना है कि पैसे की निकासी किंजर में हुई है, प्राथमिकी किंजर में दर्ज होगी, पीड़ित महिला दोनों थाने का चक्कर लगाते रही, अंत में पीड़ित महिला को महज प्राथमिक की दर्ज करने के लिए अरवल आरक्षित अधीक्षक राजेंद्र सिंह भील से गुहार लगानी पड़ी तब जाकर जिंजर थाना में प्राथमिक की दर्ज हुई। वहीं सोमवार को एक युवक जब एसबीआई एटीएम में पैसा का निकासी करने गया तो मदद के नाम पर ठगी का शिकार हो गया और उसके बैंक खाता से 13500 की निकासी कर ली गई इस संबंध में एसबीआई किंजर शाखा के प्रबंधक ऋषि कुमार का कहना है कि, लगातार एटीएम के पास से फ्रॉड की शिकायत मिल रही है जरूरत है एटीएम के पास स्थानीय पुलिस की सक्रियता की संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ करने की जरूरत है जो बेवजह एटीएम मशीन के आसपास मंडराते रहता है और भोले भाले लोगों को चेहरा पहचान कर उसके साथ ठगी करने के लिए सक्रिय हो जाता है। साइबर फ्रॉड का यह गिरोह किंजर इमामगंज एवं कुर्था में पूर्ण रूप से सक्रिय है। इस संबंध में पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता लिपिक संघ के अध्यक्ष महेश प्रसाद सौंडिक का कहना है कि पहले एटीएम मशीन के पास गार्ड की ड्यूटी लगी रहती थी, गार्ड उपभोक्ताओं को मदद भी करते थे उसे वक्त एटीएम मशीन के पास उपभोक्ता ठगी के शिकार नहीं होते थे। इस संबंध में किंजर थाना अध्यक्ष राज कौशल का कहना है कि एसबीआई एटीएम मशीन के पास कुछ दिनों के लिए चौकीदार ड्यूटी लगाना होगा साथ ही संदीप व्यक्तियों पर नजर भी रखनी होगी। इधर प्रबुद्ध व्यक्तियों का कहना है नया कानून जनता की सुविधा के 1 जुलाई से लागू किया गया लेकिन आज भी महज प्राथमिकी के लिए एक पीड़ित महिला को ऐसे थानेदारों के कारण काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है।


