*गुजरात राज्यके वलसाड़ जिले की वापी की “सैण्ड्रा श्राॅफ नर्सिंग कॉलेज” वापी मे 5 फरवरी 2024 सोमवार के दिन बीएससी प्रथम वर्ष के 21वीं बैंचमें प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिये एंव जीएनएम के 4वीं बैच मे प्रथम वर्ष मे प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों मे कुल 81नर्सिंग छात्रोंका दीप प्रज्वलन के साथ कैण्डल मार्च तथा शपथ ग्रहण समारोह का हुवा सम्पन्न साथ ही लैंप लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह में प्रथम,द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 22 छात्राओं को प्रोत्साहित करने लिए पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित *
जगदूत न्यूज वलसाड-गुजरात से टंकप्रसाद दाहाल की रिपोर्ट
गुजरात राज्यके वलसाड़ जिले की वापी की सैण्ड्रा श्राॅफ नर्सिंग कॉलेज वापी मे 5 फरवरी 2024 सोमवार के दिन बीएससी प्रथम वर्ष के 21वीं बैंचमें प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिये एंव जीएनएम के 4वीं बैचमे प्रथम वर्षमे प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों मे कुल 81नर्सिंग छात्रोंका दीप प्रज्वलन के साथ कैण्डल मार्च तथा शपथ ग्रहण समारोह का हुवा सम्पन्न साथ ही लैंप लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह में प्रथम,द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 22 छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया – जिसमे लैंप लाइटिंग एंड ओथ सेरेमनी कार्यक्रम मे
मुख्य अतिथि जीएनसी,आईएनसी मेंबर एंव गुजरात राज्य के नर्सिंग काउनसीलर आइ.ए. कडीवाला, विशिष्ट अतिथि गुजरात राज्य के बड़ौदा शहर स्थित की पारुल इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर रविन्द्र सर, अतिथि श्रीमति अर्चना जोसी, अनीता मैडम एंव सैण्ड्रा श्राॅफ नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल सैमूयल फर्नाडिस जी की विशेष उपस्थित मे प्रोफेसर दिव्या पांचोली द्वारा शपथ दिलाने सिलसिलामें आधुनिक नर्सिंग की अग्रणी फ्लोरेंस नाइटिंगेल को साक्षी रखते हुए सभी नर्सिंग विधार्थियों को शपथ दिलाई जिसमे सभी नव प्रवेशी नर्स विधार्थियों ने गुरुजनों के समक्ष दीप जलाकर मानवता की सेवा का संकल्प लिया और मानवता की सेवा में हमेशा तत्पर और निस्वार्थ सेवा करने का संकल्प लिया।
वे कभी किसी मरीज को कोई भी क्षति नहीं पहुंचाएंगे।
और नर्सिंग पेशे के माध्यम से जीवन भर मानवीय सेवा में काम करने की कसम खाई और सदैव मानवता की सेवा और से मरीजों की देखभाल करने का संदेश दिया।
इस लैंप लाइटिंग एंड शपथ समारोह गुजरात राज्य के नर्सिंग काउनसीलर आइ.ए. कडीवाला ने और विशिष्ट अतिथि पारुल नर्सिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर रविन्द्र सर ने दीप प्रज्वलन और शपथ का महत्व समझाते हुए
कहा कि मानव सेवा को नर्सिंग से जोड़कर नर्सिंग को नई पहचान देने वाले फ्लोरेंस नाइटिंगेल से जुड़ी हुई है, जिनका जन्म 1820 में हुआ था। उन्हें आधुनिक नर्सिंग की अग्रणी के रूप में ‘लेडी विद द लैप’ के रूप में जाना जाता है। नर्सिंग हमारे समाज की राखी है जो अपनी ज़िन्दगी को दूसरों की सेवा में अर्पित करते हैं! पीड़ित, बीमार और घायल, सेवा की इस भावना को बनाए रखते हुए रोगियों की ईमानदारी ने उपचार सेवा से बलिदान को और अधिक दृढ़ता से प्रज्वलित करने का आग्रह किया। और नर्सिंग प्रशिक्षण कॉलेज में चार साल की पढ़ाई के दौरान मरीजों को व्यवहार, व्यवहार और सेवा के गुण सिखाए जाते हैं और कार्यक्रम में सभी स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने यह कहा की आप लोग इस नर्सिंग कॉलेज बिएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया और मानव सेवा के नेक कार्य में शामिल हो गए। सभी नर्सिंग छात्रों को बधाई। नर्सिंग का मकसद अपने बेहतर कामों से मरीज को नई जिंदगी देना है। सेवा भावना से करें काम और आपलोग अपने स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूरी ईमानदारी व लगन से कार्य करें। पूरी निष्ठा से रोगी की इलाज करनी चाहिये। कहा कि देश के कोई कोने में जाएं, सेवा भावना से काम करें। कार्यक्रम सिलसिला पर कॉलेज प्रिंसिपल सैमूयल फर्नाडिस जी ने यह कहा की
सैण्ड्रा श्राफ नर्सिंग कालेज की संस्थापक श्रीमती सैंड्राबेन श्रॉफ ने सन् 2003 में इस काॅलेज की शुरुआत की थी ताकि व्यावसायिक रूप से सक्षम नर्सों को उनकी देखरेख में मरीजों की देखभाल के लिए तैयार किया जा सके। यह गुजरात का पहला स्ववित्तपोषित नर्सिंग कॉलेज है और साथ ही दक्षिण गुजरात में पहला कॉलेज ऑफ नर्सिंग भी है और नर्से अस्पताल के दिल की तरह होती है और नर्सिंग आज बेहतरीन कैरियर विकल्प माना जाता है। नर्स की भूमिका स्वास्थ्य ढांचे की आधारशिला है। मरीजों की देखभाल, सुरक्षा और इलाज की जिम्मेदारी नर्स की होती है और नर्सिंग का मकसद अपने बेहतर कामों से मरीज को नई जिंदगी देना है।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत मंतव्य मे प्रोफेसर जे.एम.सिजा द्वारा और कार्यक्रम आयोजन एंव संचालक द्वारा मुख्य अतिथि एंव विशिष्ट अतिथियों शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया और कार्यक्रम की अंत पर कॉलेज प्रोफेसर श्रीमति मयूरी मैडम ने अपनी वाणी से धन्यवाद एंव अभिनन्दन शब्द से कार्यक्रम समापन हुवा।


