JNA रितेश वर्मा कि रिपोर्ट
बिहार राज्य संविदा कर्मी महासंघ ने अपने संविदा, आउटसोर्सिंग और अवर्गीकृत कर्मियों की स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। महासंघ ने पत्र जारी कर मीडिया से अपील की है कि वे उनके आगामी ट्विटर ट्रेंड अभियान में सहयोग प्रदान करें। इस अभियान का उद्देश्य सरकार पर संविदा कर्मियों को स्थायी करने और उन्हें समान वेतनमान दिलाने के लिए दबाव बनाना है।बिहार के विभिन्न बोर्ड, निगम, समितियों और अन्य सरकारी विभागों में लाखों की संख्या में संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महासंघ के अनुसार, ये कर्मी पिछले 25 वर्षों से अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं, लेकिन आज भी वे अस्थायी स्थिति में हैं और उन्हें स्थायी कर्मियों के समान वेतनमान नहीं मिल रहा है। महासंघ का कहना है कि इस स्थिति के कारण संविदा कर्मियों का आर्थिक और सामाजिक विकास प्रभावित हो रहा है।
पत्र के अनुसार, लगभग 4 लाख संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मी महासंघ के सदस्य हैं। महासंघ ने 2 अक्टूबर 2024 को ट्विटर पर #Regularization_of_Contract_Employee_Bihar नामक हैशटैग के तहत बड़ा अभियान चलाने की घोषणा की है। यह अभियान सुबह 2 बजे से 4 बजे के बीच ट्विटर पर सक्रिय होगा, जिसका उद्देश्य अपनी मांगों के प्रति जनसमर्थन जुटाना है।महासंघ का मानना है कि यदि सरकार ने इन कर्मियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो बिहार के विकास में रुकावट आ सकती है। महासंघ ने सभी संविदा कर्मियों और उनके समर्थकों से अपील की है कि वे इस ट्विटर ट्रेंड में भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद करें।ट्विटर ट्रेंड का उद्देश्य: महासंघ के अनुसार, यह ट्रेंड सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा, ताकि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्यवाही हो सके।


