29.3 C
Khagaria
Sunday, April 19, 2026

विंध्याचल (यूपी) से आए बाबा गुरु अलख जिद पर अड़े, बोले करेंगे जलमग्न सिद्धपीठ मां दुर्गा मंदिर में ही नवरात्रि, जाने माता रानी

*अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केन्द्र के संस्थापक डॉ अरविन्द वर्मा ने की सरकार से जलमग्न मंदिर परिसर में उत्पन्न समस्या समाधान की मांग*

*धुना बाहर, किचेन बाहर, परिसर जलमग्न, खुली आसमान के नीचे बन रहा बाबा गुरु अलख का भोजन*

JNA/Indu Prabha

खगड़िया। धुना बाहर, किचेन बाहर, माता रानी के सामने मंदिर की सीढ़ी पर। बिल्कुल खानाबदोश की स्थिति हो गई है विंध्याचल यूपी से पधारे बाबा गुरु अलख। आए थे इस बार यूपी नहीं बिहार में ही अपने द्वारा स्थापित किए गए अष्टादश भुजेश्वरी मां दुर्गा मंदिर में ही नवरात्रि का पाठ और पूजन करेंगे। मगर, प्रकृति ने बाबा पर भी कहर बरपा दिया। निरन्तर हुए मूसलाधार बारिश की वजह से मंदिर परिसर तथा आश्रम जलमग्न हो गया। गंदे, नाले के पानी से धुना कक्ष भी डूब गया। 40 वर्षों पूर्व स्थापित किए गए तीन धुना, जिसमें एक मसानी, दूसरा वैदिक और तीसरा तांत्रिक विधि से हवन होता रहा है। चौबीस घंटे जलने वाला मसानी धुना सहित मां कामाख्या धुना को भी खुले आसमान के नीचे मां दुर्गा मंदिर की सीढ़ियों पर रखना पड़ा। बाबा गुरु अलख के साथ साथ उनके सभी चेला चटिया भी दृढ़ संकल्पित हैं कि चाहे जितना भी कष्ट होगा करेंगे मगर माता रानी के दरबार में ही नवरात्रि का पाठ करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय आध्यात्मिक केन्द्र के संस्थापक डॉ अरविन्द वर्मा ने सरकार से मांग किया है । कि विंध्याचल यूपी से पधारे बाबा गुरु अलख के खानाबदोश के स्थिति पर तरस खाएं और अष्टादश भुजेश्वरी मां दुर्गा मंदिर जो समाहरणालय भवन के ठीक सामने अवस्थित है का जायजा लें और समय रहते समस्या का समाधान कराएं और माता रानी के भक्तों का सहयोग करें। आगे डॉ वर्मा ने कहा इस मंदिर में वर्षों से स्थाई सीमेंट की प्रतिमा स्थापित है जहां हर साल दुर्गा पूजा का मेला आयोजित किया जाता है, जहां जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भक्तजन आते हैं और माता रानी का दर्शन कर आशीर्वचन प्राप्त करते हैं। सनद रहे, एक सौ ग्यारह नर मुंडों पर माता रानी की स्थापना की गई है, जो सिद्धपीठ के रुप में सुविख्यात है। बाबा गुरु अलख ने पूछने पर मीडिया से कहा मैं तो यहां परदेसी हूं। मैंने वर्षों पूर्व यहां मां की प्रतिमा स्थापित कर आश्रम बना दिया। अब, यहां की देखरेख यहां के लोग ही करेंगे। ज़िला प्रशासन और नगर प्रशासन की जिम्मेवारी बनती है कि मंदिर परिसर एवं आश्रम की समस्याओं का समाधान करें ताकि यहां भक्तों को किसी प्रकार का कष्ट नहीं हो सके। मगर, दुःख है, नवरात्रि परसों से प्रारंभ है, मीडिया में भी खबरें निरन्तर प्रकाशित हो रही है बावजूद इसके संबंधित पदाधिकारियों के कण पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। मीडिया ने पूछा कैसे होगा, पूजा पाठ ? बाबा गुरु अलख ने कहा जानें माई। उनका बेटा तो पूजा करेगा ही।

Prabhu Jee
Prabhu Jeehttp://www.jagdoot.in
ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
सम्बंधित खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

रिपोर्टर की अन्य खबरें
नई खबरें