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Saturday, May 2, 2026

सीतामढ़ी जिला में अब किसान करेंगे गेंदा से साथ साथ (ट्यूब रोज )रजनीगंधा फूल की भी खेती.

जगदूत न्यूज सीतामढ़ी से संपादक अरुण कुमार वर्मा कि रिपोर्ट सीतामढ़ी जिला में अब किसान करेंगे गेंदा से साथ साथ (ट्यूब रोज )रजनीगंधा फूल की भी खेती,
फूलो की खेती को बढ़ावा देने के लिए सीएसआईआर _केंद्रीय औषधीय एवम सगंध पौधा संस्थान लखनऊ ( सीमैप) द्वारा चल रहे प्रोजेक्ट फ्लोरीकल्चर मिशन फेस _२ ,के द्वारा एवम कृषि विभाग आत्मा के पहल से सीतामढ़ी जिले के बैराह गांव के किसान अब गेंदा के साथ साथ रजनीगंधा की भी खेती करेंगे । सीमैप के डायरेक्टर डॉ. प्रबोध कुमार द्विवेदी तथा डॉ. राजेश कुमार वर्मा की टीम सुनील कुमार ,धनंजय कुमार एवम प्रतीक शसनी ने किसानों को रजनीगंधा की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा फील्ड पे सजीव प्रदर्शन दिया , किसान अब गेंदा फूल के साथ-साथ रजनीगंधा की भी खेती करेंगे इसके लिए किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। उप परियोजना निदेशक आत्मा रजनीकांत भारती के द्वारा बताया गया कि किसानों को कृषि विभाग आत्मा के द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम लखनऊ स्थित सी मैप में कराया गया था प्रशिक्षण उपरांत किसानो को सी एस आई आर फ्लोरीकल्चर मिशन फेस 2 के तहत सी मैप लखनऊ द्वारा किसानों को प्लाटिंग मैटेरियल के रूप में गेंदा फूल के साथ-साथ रजनीगंधा (ट्यूब रोज )के भी बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं जिससे कि किसान फूल उत्पादन और बेहतर कर सके और अपनी आमदनी को बढ़ा सकें। यहां के कुछ किसान गेंदा फूल की खेती पहले से भी करते आ रहे हैं और अब विभागीय सहायता भी इनको उपलब्ध कराई जा रही है जिससे कि वैज्ञानिक तरीके से अपनी खेती को प्रबंधित कर अधिक मुनाफा कमा सकें। आगे भी यहां के किसानों को अलग-अलग चरणों में हम लोग ट्रेनिंग मुहैया कराते रहेंगे जिससे कि इनको बेहतर लाभ मिल सके। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक आर डी चौरसिया ने बताया कि यहां के किसान गेंदा की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं फूलों की खेती करने वाले किसानों का समूह बनाकर यहां लोगों को प्रेरित कर खेती कराई जा रही है कभी-कभी किसानों को ऑफ सीजन में फूल बिक्री नहीं होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसके लिए भी फूलों से बायो प्रोडक्ट जैसे अगरबत्ती इत्यादि बनाने की भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसमें महिलाएं काफी इंटरेस्टेड हैं इससे उनके उत्पाद का वैल्यू एडिशन करके अधिक लाभ मिल सकता है साथ ही साथ गेंदा के अलावा अब यह रजनीगंधा की खेती करके मार्केट डिमांड के अनुसार अन्य फूलों का भी कांबिनेशन हो जाने से काफी सहूलियत होगी बिक्री करने में। सी मैप लखनऊ द्वारा उपस्थित किसानों के बीच रजनीगंधा का बीज के रूप में कंद एवं गेंदा पौधे वितरित किए गए । मौके पर नंदलाल महतो रामानंदी भगत संतोष कुमार रामकुमार ,रमेश कुमार गौतम कुमार मुकेश कुमार अंजू देवी बबीता कुमारी सहित अन्य किसान मौजूद थे।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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