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Sunday, May 3, 2026

50वीं पुण्‍यतिथि पर राष्‍ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर याद किए गए

जगदूत न्यूज़ ब्यूरो MD नबी आलम बिहार जिला बेगूसराय बिहार के बेगूसराय जिले में राष्‍ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर को उनकी 50वीं पुण्‍यतिथि पर याद किया गया ।श्री सोमेश बहादुर माथुर, उप विकास आयुक्त, बेगूसराय, एवं डॉ प्रशांत राऊत, मुख्‍य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), बरौनी रिफाइनरी ने जीरो माइल पार्क में स्थित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जो आईओसीएल के स्वामित्व और रखरखाव वाला एक बुनियादी ढांचा है। इस अवसर पर श्री अनुरंजन कुमार, बीडीओ, बरौनी, श्री चंदन कुमार, एसएचओ, जीरो माइल ओपी व टीम, डॉ पी के नाथ, महाप्रबंधक (ईएमएस, एमएस एवं एल एंड डी), श्री एस सी त्रिपाठी, डीआरएसएच एवं टीम, श्री रवि भूषण कुमार, वरिष्ठ प्रबन्धक (कॉर्पोरेट संचार), इंडियन ऑयल के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बेगूसराय के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थें ।

23 सितंबर 1908 को बेगूसराय जिले के सिमरिया नामक गाँव में जन्मे रामधारी सिंह ‘दिनकर’ एक भारतीय हिंदी कवि, निबंधकार, देशभक्त और अकादमिक थे, जिन्हें सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक हिंदी कवियों में से एक माना जाता है। भारतीय स्वतंत्रता से पहले लिखी गई अपनी राष्ट्रवादी कविता के परिणामस्वरूप वह विद्रोह के कवि के रूप में उभरे। उनकी कविता में वीर रस झलकता था, और उनकी प्रेरक देशभक्ति रचनाओं के कारण उन्हें राष्ट्र कवि (“राष्ट्रीय कवि”) के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है।
दिनकर तीन बार राज्यसभा के लिए चुने गए, और वह 3 अप्रैल 1952 से 26 जनवरी 1964 तक इस सदन के सदस्य रहे। उन्हें 1959 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। 1960 के दशक में वह भागलपुर विश्वविद्यालय (भागलपुर, बिहार) के कुलपति भी थे।
उन्‍हें उनकी राष्‍ट्रवादी कविताओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है । उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में “कुरुक्षेत्र”, “रश्मिरथी”, “संस्कृत के चारा अध्याय” और “उर्वशी” प्रमुख हैं। उनकी रचनाओं के लिए उन्‍हें साहित्य अकादमी पुरस्‍कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार एवं पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

Prabhu Jee
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ब्यूरो चीफ, खगड़िया (जगदूत न्यूज)
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